गया शहर के गेवल बिगहा मोड़ पर देर रात करीब 2 बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब गश्त कर रही पुलिस टीम पर अचानक हमला किया गया। जानकारी के अनुसार, रामपुर थाना की पुलिस इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने देखा कि देर रात एक दुकान खुली हुई थी, जहां दर्जनों युवा सिगरेट और अन्य सामान खरीद रहे थे।
पुलिस के साथ उलझा वार्ड पार्षद
कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस टीम ने दुकान संचालक को दुकान बंद करने का निर्देश दिया। इसी बीच वहां मौजूद गया नगर निगम के वार्ड संख्या 38 के पार्षद कलाम कुरैशी, जो कथित तौर पर शराब के नशे में थे, पुलिस के साथ उलझ गए। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और पार्षद के साथ मौजूद करीब दस से बारह लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।
हमले में घायल हुए एएसआई
इस हमले में रामपुर थाना के एएसआई विक्रम पासवान गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने पुलिसकर्मियों के साथ जमकर मारपीट की और फिर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल एएसआई को तुरंत अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
'10 से 12 लोगों ने की मारपीट'
एएसआई विक्रम पासवान ने बताया कि वे रात करीब दो बजे गश्त के दौरान दुकान बंद कराने पहुंचे थे। इसी दौरान पार्षद कलाम कुरैशी और उनके साथियों ने, जो शराब के नशे में थे, अचानक हमला कर दिया। उन्होंने बताया कि हमलावरों की संख्या करीब दस से बारह थी, जिन्होंने मिलकर पुलिस टीम पर हमला किया और फिर मौके से भाग निकले।
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'दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा'
इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए गया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। सूत्रों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में भी लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है।
खबर रहा असर
अमर उजाला डिजिटल में खबर प्रकाशित होने के बाद गयाजी नगर निगम के वार्ड संख्या 38 के पार्षद कलाम कुरैशी ने मोबाइल फोन पर संपर्क किया। उन्होंने कहा कि पुलिस के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया गया और न ही वे शराब के नशे में थे। उनका आरोप है कि दरोगा ही शराब के नशे में थे और एक युवक को पकड़कर पीट रहे थे। पार्षद होने के नाते उन्होंने इसका विरोध किया, जिस पर पुलिस उनसे ही उलझ गई। उन्होंने कहा कि उनके साथ कोई मारपीट नहीं हुई, यह सब नाटक है। मामले की जांच वरीय पुलिस अधिकारी कर रहे हैं और सच्चाई जल्द सामने आ जाएगी। उन्होंने वायरल वीडियो देखने की भी बात कही, जिसमें पुलिस की हरकतें स्पष्ट नजर आती हैं।