हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत की बातें जब समाज में सुर्खियां बनती हैं, तब गयाजी के गांधी मैदान से भाईचारे की एक अलग कहानी सामने आती है। यहां मुस्लिम कलाकार मोहम्मद जफर आलम पिछले 59 वर्षों से रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले बनाते आ रहे हैं। इस बार भी वह आठ कारीगरों के साथ दशहरा की तैयारियों में जुटे हैं। जफर आलम का कहना है कि कलाकार का कोई धर्म नहीं होता, उसकी पहचान उसकी कला होती है।
मोहम्मद जफर आलम ने बताया कि पुतले बनाने का काम 20 सितंबर से शुरू किया गया था। 20 अक्टूबर की दोपहर तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गयाजी के गांधी मैदान के अलावा वह मोकामा और झारखंड के रामगढ़ में भी रावण वध के लिए पुतले बनाते हैं।
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उनका कहना है कि इस काम में हिंदू-मुस्लिम का कोई भेदभाव नहीं है। वह खुद को एक कलाकार मानते हैं और अपनी कला के माध्यम से धार्मिक आयोजन में योगदान देते हैं। उनका यह नजरिया सामाजिक सौहार्द और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।
वहीं, सिटी एसपी अभिनव कुमार ने बताया कि मंगलवार को होने वाले लंका दहन कार्यक्रम को लेकर जिला पुलिस अलर्ट है। गांधी मैदान में बैरिकेडिंग के साथ प्रवेश और निकास की व्यवस्था की गई है। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी और असामाजिक तत्वों पर पुलिस की पैनी नजर रहेगी।
जिला पुलिस के अनुसार, कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। गांधी मैदान का यह आयोजन बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ कला, परंपरा और आपसी भाईचारे का संदेश भी देगा