गया जिले के डुमरिया प्रखंड स्थित छकरबंधा गांव में गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर तक बिजली पहुंचाने वाले जर्जर तार की मरम्मत के दौरान करंट लगने से 40 वर्षीय संतोष पासवान की मौत हो गई। इस घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा और जर्जर विद्युत व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक की पहचान छकरबंधा थाना क्षेत्र के छकरबंधा गांव निवासी जगदीश पासवान के पुत्र संतोष पासवान के रूप में हुई है।
तार की मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
परिजनों और ग्रामीणों के अनुसार, संतोष पासवान अपने घर तक बिजली पहुंचाने वाले पोल से जुड़े पुराने और क्षतिग्रस्त तार की मरम्मत कर रहे थे। इसी दौरान अचानक बिजली आपूर्ति बहाल हो गई और वह तेज करंट की चपेट में आ गए। करंट लगते ही वह गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही अचेत हो गए।
अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
घटना के तुरंत बाद ग्रामीण उन्हें डुमरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन जांच के बाद चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। संतोष पासवान की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, बच्चों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।
पुलिस ने शुरू की जांच
सूचना मिलने पर छकरबंधा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेज दिया। थानाध्यक्ष शमशेर आलम ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
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ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर उठाए सवाल
हादसे के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि गांव में लंबे समय से कई स्थानों पर बिजली के तार जर्जर अवस्था में हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद समय पर मरम्मत या तार बदलने का काम नहीं किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते विद्युत व्यवस्था की मरम्मत और नियमित जांच की गई होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने बिजली विभाग से गांव के सभी जर्जर तारों को जल्द बदलने और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की मांग की है।