गयाजी के विनय गैस एजेंसी में उपभोक्ताओं की भीड़
गया शहर में रसोई गैस की किल्लत के बीच बड़ा अनियमितता का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ गैस एजेंसियां शहरी उपभोक्ताओं को कागजों पर ग्रामीण दिखाकर गैस वितरण में देरी कर रही हैं, जिससे लोगों को 20 दिन तक अतिरिक्त इंतजार करना पड़ रहा है।
शहरी उपभोक्ताओं को दिखाया जा रहा ग्रामीण
जानकारी के अनुसार, नियमों के तहत शहरी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर मिलने के बाद अगली बुकिंग के लिए 25 दिन का इंतजार करना होता है, जबकि ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए यह अवधि 45 दिन निर्धारित है। ऐसे में शहरी उपभोक्ताओं को रिकॉर्ड में ग्रामीण दिखाए जाने से उन्हें अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
शहर के कई लोगों ने की शिकायत
शहर के कई मोहल्लों से इस तरह की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे वर्षों से शहरी क्षेत्र में रह रहे हैं, इसके बावजूद एजेंसी के रिकॉर्ड में उन्हें ग्रामीण निवासी दिखाया गया है। इससे समय पर गैस नहीं मिलने के कारण घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है।
लोगों का आरोप जानबूझकर गड़बड़ी कर रही एजेंसियां
स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस की कमी के बीच एजेंसियां जानबूझकर इस तरह की गड़बड़ी कर रही हैं, ताकि वितरण प्रक्रिया को अपने हिसाब से नियंत्रित किया जा सके। हालांकि, इस मामले में संबंधित एजेंसियों की ओर से अब तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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एसडीओ ने जारी किया आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए गया के एसडीओ अशोक कुमार चौधरी ने संज्ञान लिया है। उन्होंने गैस एजेंसियों के संचालकों को निर्देश दिया है कि गड़बड़ी को तुरंत ठीक किया जाए और उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराई जाए। इस पूरे मामले ने गैस वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल उपभोक्ता प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।