झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब गया जिले के ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मानपुर प्रखंड के कई गांव बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं। पेमार नदी का पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे गांवों का संपर्क टूट गया है। स्कूलों में उपस्थिति प्रभावित है, बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और किसानों की खड़ी धान की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है।
पेमार नदी का पानी सड़क पर, गांवों का संपर्क टूटा
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
बाढ़ जैसे हालात का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। पानी के तेज बहाव के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। मध्य विद्यालय अमरी के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुनील प्रसाद ने बताया कि विद्यार्थियों की उपस्थिति में काफी गिरावट आई है। कई बच्चे कई दिनों से स्कूल नहीं पहुंच पाए हैं।
राशन और इलाज के लिए भी परेशानी
धान की फसल पर मंडराया खतरा
लगातार जलभराव से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो खड़ी फसल खराब हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
सांप-बिच्छुओं के घरों में घुसने का डर
ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के इलाकों में पानी भरने से सांप-बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के घरों की ओर आने का खतरा बढ़ गया है। इससे लोग दिन-रात भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।
पुरानी बाढ़ की याद से सहमे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले आई भीषण बाढ़ में गांव के दर्जनों घर बह गए थे। उस समय कई परिवार गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए थे। फिलहाल करीब 200 परिवार गांव में रह रहे हैं। लगातार हो रही बारिश से लोगों को फिर उसी तरह की बाढ़ आने का डर सताने लगा है।
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प्रशासन से तत्काल राहत की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित इलाके का तत्काल निरीक्षण करने, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने, जल निकासी कराने और जरूरत पड़ने पर नाव की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
पेमार नदी का पानी सड़क पर बहने से आवागमन बाधित।
झारखंड में हुई बारिश का बिहार में दिख रहा असर, जनजीवन प्रभावि।
पेमार नदी उफान पर।