फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिहार: झारखंड की बारिश का यहां दिखा असर, पेमार नदी उफान पर; बच्चों की पढ़ाई प्रभावित गांवों का संपर्क भी टूटा

Fri, 04 Sep 2026 08:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी

सार

झारखंड में लगातार बारिश के बाद गया के मानपुर प्रखंड में पेमार नदी उफान पर है। नदी का पानी सड़कों पर बहने से कई गांवों का संपर्क टूट गया है, जबकि स्कूली बच्चों की पढ़ाई और किसानों की धान की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है।
विज्ञापन
गयाजी के मानपुर प्रखंड के अमरी गांव में पेमार नदी का पानी सड़क पर बहने से आवागमन बाधित।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

झारखंड में लगातार हो रही बारिश का असर अब गया जिले के ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। मानपुर प्रखंड के कई गांव बाढ़ जैसे हालात से जूझ रहे हैं। पेमार नदी का पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे गांवों का संपर्क टूट गया है। स्कूलों में उपस्थिति प्रभावित है, बाजार तक पहुंचना मुश्किल हो गया है और किसानों की खड़ी धान की फसल पर भी संकट मंडरा रहा है।

पेमार नदी का पानी सड़क पर, गांवों का संपर्क टूटा

विज्ञापन

मानपुर प्रखंड की सोहेलपुर पंचायत के अमरी गांव का मुख्य संपर्क मार्ग बुधवार को पेमार नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गया। सड़क के ऊपर से पानी बहने के कारण अमरी और बरसाना गांव का संपर्क लगभग पूरी तरह टूट गया है। ग्रामीणों के लिए जरूरी काम से भी घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
बाढ़ जैसे हालात का सबसे अधिक असर स्कूली बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। पानी के तेज बहाव के कारण अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। मध्य विद्यालय अमरी के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुनील प्रसाद ने बताया कि विद्यार्थियों की उपस्थिति में काफी गिरावट आई है। कई बच्चे कई दिनों से स्कूल नहीं पहुंच पाए हैं।

राशन और इलाज के लिए भी परेशानी

विज्ञापन

ग्रामीण राजा कुमार, कुश कुमार और धनंजय कुमार ने बताया कि परोरिया बाजार उनकी रोजमर्रा की जरूरतों का मुख्य केंद्र है। लेकिन सड़क पर पानी बहने के कारण राशन, दवा और अन्य जरूरी सामान लाना मुश्किल हो गया है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल या डॉक्टर तक पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। कई परिवारों को लंबा और कठिन रास्ता अपनाना पड़ रहा है।

धान की फसल पर मंडराया खतरा
लगातार जलभराव से किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खेतों में पानी भरने से धान की फसल को नुकसान पहुंचने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं निकला तो खड़ी फसल खराब हो सकती है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

सांप-बिच्छुओं के घरों में घुसने का डर
ग्रामीणों ने बताया कि आसपास के इलाकों में पानी भरने से सांप-बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के घरों की ओर आने का खतरा बढ़ गया है। इससे लोग दिन-रात भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

पुरानी बाढ़ की याद से सहमे ग्रामीण
ग्रामीणों ने बताया कि कुछ वर्ष पहले आई भीषण बाढ़ में गांव के दर्जनों घर बह गए थे। उस समय कई परिवार गांव छोड़कर दूसरी जगह चले गए थे। फिलहाल करीब 200 परिवार गांव में रह रहे हैं। लगातार हो रही बारिश से लोगों को फिर उसी तरह की बाढ़ आने का डर सताने लगा है।

ये भी पढ़ें- ‘धरती पकड़’ की अंतिम विदाई: पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के खिलाफ चुनाव लड़कर बटोरी थी सुर्खियां

प्रशासन से तत्काल राहत की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित इलाके का तत्काल निरीक्षण करने, सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था करने, जल निकासी कराने और जरूरत पड़ने पर नाव की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।

 पेमार नदी का पानी सड़क पर बहने से आवागमन बाधित।

 

झारखंड में हुई बारिश का बिहार में दिख रहा असर, जनजीवन प्रभावि। 

 

 पेमार नदी उफान पर।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें