गयाजी में एक ई-रिक्शा चालक के बैंक खाते में अचानक 7.60 अरब रुपये का बैलेंस दिखाई देने से सनसनी फैल गई। वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने पहुंचे चालक को जब मोबाइल पर बैंक का संदेश मिला तो वह खुद भी घबरा गया। बैंक प्रबंधन ने इसे संभावित तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए फिलहाल किसी भी तरह का लेनदेन नहीं करने की सलाह दी है। अब सोमवार को मामले की जांच होगी।
पेंशन निकालने पहुंचे तो मिला चौंकाने वाला संदेश
मामला गयाजी शहर के डेल्हा थाना क्षेत्र स्थित बागेश्वरी मोहल्ला निवासी शिव कुमार पटेल का है। शिव कुमार ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। वह सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के लाभार्थी भी हैं। शनिवार को वह अपनी वृद्धावस्था पेंशन की राशि निकालने के लिए बागेश्वरी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र (सीएसपी) पहुंचे। आधार आधारित बैंकिंग सेवा के जरिए उन्होंने अपने खाते से एक हजार रुपये की निकासी की।
मोबाइल पर बैलेंस देख उड़े होश
निकासी के कुछ ही देर बाद शिव कुमार के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर बैंक का एसएमएस आया। जब उन्होंने और सीएसपी संचालक ने संदेश में उपलब्ध शेष राशि (Available Balance) देखी तो दोनों हैरान रह गए। संदेश में खाते में करीब 7 अरब 60 लाख रुपये का बैलेंस दिखाई दे रहा था। पहले तो इसे मजाक समझा गया, लेकिन संदेश दोबारा देखने पर सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।
मोहल्ले में फैल गई अरबपति बनने की चर्चा
कुछ ही देर में यह खबर पूरे बागेश्वरी इलाके में फैल गई। बड़ी संख्या में लोग शिव कुमार के घर पहुंचने लगे। कोई इसे बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी बता रहा था तो कोई मजाक में उन्हें अरबपति शिव पटेल कहकर संबोधित करने लगा। पूरे दिन इस अनोखे मामले की चर्चा मोहल्ले से लेकर शहर तक होती रही।
बैंक मैनेजर ने दी अहम सलाह
शिव कुमार ने बताया कि इतनी बड़ी राशि देखकर वह घबरा गए। उन्होंने अपने एक परिचित की मदद से सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की स्टेशन रोड शाखा के प्रबंधक से फोन पर संपर्क किया। बैंक प्रबंधक ने बताया कि दूसरा शनिवार और रविवार होने के कारण शाखा बंद है। ऐसे में सोमवार को बैंक पहुंचकर पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
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जांच पूरी होने तक लेनदेन से रोक
शिव कुमार के अनुसार, बैंक प्रबंधक ने उन्हें स्पष्ट निर्देश दिया है कि जांच पूरी होने तक खाते से किसी भी प्रकार का लेनदेन न करें। साथ ही मोबाइल बैंकिंग या बैंक खाते से जुड़ी किसी भी गतिविधि में बदलाव नहीं करने को कहा गया है। बैंक का कहना है कि तकनीकी स्तर पर पूरे मामले की जांच की जाएगी और उसके बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
तकनीकी गड़बड़ी या कुछ और, सोमवार को होगा खुलासा
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि खाते में इतनी बड़ी राशि दिखाई देना बैंकिंग सिस्टम की तकनीकी त्रुटि है या किसी अन्य कारण से ऐसा हुआ। हालांकि बैंक ने जांच का भरोसा दिया है। अब सभी की निगाहें सोमवार पर टिकी हैं, जब जांच के बाद इस रहस्यमयी बैलेंस का सच सामने आने की उम्मीद है।