जख्मी छात्रा को इलाज करते डाक्टर व जख्मी छात्रा
- फोटो : अमर उजाला
गया जिले के गया कॉलेज में शुक्रवार को पीजी परीक्षा के दौरान उस वक्त अफरातफरी मच गई, जब परीक्षा देने आई एक छात्रा ने दूसरे तल्ले से छलांग लगा दी। घायल छात्रा की पहचान जीबीएम कॉलेज के हिंदी विभाग की सिक्स सेमेस्टर की छात्रा नैना कुमारी के रूप में हुई है। घटना में छात्रा की जांघ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उसका इलाज अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में चल रहा है।
परीक्षा के दौरान हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार नैना कुमारी पीजी परीक्षा देने गया कॉलेज केंद्र पर पहुंची थी। परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले उसने अपना मोबाइल फोन वीक्षक के पास जमा कर दिया था। इसी दौरान कॉलेज के दो प्रोफेसर जांच के लिए कमरा नंबर-03 में पहुंचे। वहां वीक्षक के पास मोबाइल देखकर उन्होंने पूछताछ की। बताया गया कि मोबाइल छात्रा का था। सूत्रों के मुताबिक, प्रोफेसरों ने छात्रा को परीक्षा केंद्र में मोबाइल लाने को लेकर फटकार लगाई। इसी दौरान वीडियो बनाकर वायरल करने की बात कही गई, जिससे छात्रा असहज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तनाव में आकर छात्रा ने दूसरे तल्ले से छलांग लगा दी।
कॉलेज प्रबंधन ने दी सफाई
घटना के बाद कॉलेज परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में कॉलेज कर्मियों ने घायल छात्रा को अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद कॉलेज प्रबंधन और प्राचार्य भी अस्पताल पहुंचे और छात्रा की स्थिति की जानकारी ली। कॉलेज प्रशासन की ओर से कहा गया कि छात्रा मानसिक तनाव से गुजर रही थी, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं घटना के बाद कॉलेज प्रबंधन पूरे मामले को मीडिया से दूर रखने की कोशिश करता नजर आया।
परीक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद परीक्षा केंद्र की व्यवस्था और छात्रों के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। परीक्षा केंद्र में मोबाइल प्रतिबंधित होने के बावजूद छात्रा मोबाइल लेकर कैसे पहुंची और आखिर ऐसी कौन-सी परिस्थिति बनी कि उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया, इसे लेकर चर्चाओं का दौर जारी है।
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मीडिया से दूरी बनाता रहा कॉलेज प्रशासन
गया कॉलेज के प्राचार्य सतीश सिंह चंद्र ने कहा कि परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन लाना पूरी तरह प्रतिबंधित है, बावजूद इसके छात्रा मोबाइल लेकर पहुंची थी। उन्होंने बताया कि वह खुद अस्पताल जाकर छात्रा से मिले हैं और छात्रा के सिर में कोई गंभीर चोट नहीं दिखी। प्राचार्य ने साफ कहा कि इस घटना में कॉलेज प्रशासन की कोई लापरवाही नहीं है।