सार
गया के बिपार्ड में आयोजित दो दिवसीय विधायक प्रबोधन कार्यक्रम का रविवार को समापन होगा। कार्यक्रम में नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय परंपराएं, विशेषाधिकार, प्रोटोकॉल, समितियों की भूमिका, डिजिटल विधानसभा और जनप्रतिनिधि के दायित्वों का प्रशिक्षण दिया गया। समापन समारोह दोपहर तीन बजे होगा।
प्रबोधन कार्यक्रम में शामिल बिहार के मंत्री व विधायक
- फोटो : Amar Ujala
बिहार की राजनीति का केंद्र बने गया में आयोजित दो दिवसीय विधायक प्रबोधन कार्यक्रम का रविवार को समापन हो जाएगा। बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान (बिपार्ड) में आयोजित इस कार्यक्रम में नवनिर्वाचित विधायकों को संसदीय परंपराओं, विशेषाधिकार, प्रोटोकॉल, समितियों की भूमिका और डिजिटल व्यवस्था सहित जनप्रतिनिधि के दायित्वों का प्रशिक्षण दिया गया। दूसरे दिन भी बिपार्ड परिसर और आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे।
लोकतंत्र की पाठशाला में मिला व्यवहारिक प्रशिक्षण
बिहार सरकार की ओर से आयोजित इस प्रबोधन कार्यक्रम का उद्देश्य नवनिर्वाचित विधायकों को विधानसभा की कार्यप्रणाली और संसदीय परंपराओं से परिचित कराना था। दो दिनों तक चले प्रशिक्षण में जनप्रतिनिधियों को यह बताया गया कि सदन में जनता की समस्याओं को प्रभावी ढंग से कैसे उठाया जाए, नियमों के तहत अपनी भूमिका कैसे निभाई जाए और लोकतांत्रिक मूल्यों का पालन करते हुए जनसेवा को कैसे आगे बढ़ाया जाए।
पहले दिन शीर्ष नेतृत्व ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम के पहले दिन भारत के उपराष्ट्रपति, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों ने नवनिर्वाचित विधायकों को संबोधित किया। वक्ताओं ने जनप्रतिनिधियों से संविधान की मर्यादा, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनता के प्रति जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
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दूसरे दिन तीन सत्रों में हुई विस्तृत चर्चा
रविवार को आयोजित दूसरे दिन के प्रशिक्षण में तीन अलग-अलग सत्र आयोजित किए गए। इनमें विधायकों को विशेषाधिकार, प्रोटोकॉल, संसदीय समितियों की भूमिका, प्रतिवेदन तैयार करने की प्रक्रिया, सदन की कार्यसीमा, नवाचार और डिजिटल विधानसभा जैसी व्यवस्थाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने विधायकों के सवालों का जवाब भी दिया और व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से संसदीय प्रक्रियाओं को समझाया। आज तीन बजे दोपहर में धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही दो दिवसीय प्रबोधन कार्यक्रम का समापन हो जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
कार्यक्रम के दूसरे दिन भी बिपार्ड परिसर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पूरे समय मुस्तैद रहे। प्रवेश द्वारों पर सघन जांच की गई और केवल अधिकृत लोगों को ही परिसर में प्रवेश की अनुमति दी गई। कार्यक्रम के शांतिपूर्ण समापन के साथ दो दिनों तक गयाजी बिहार की राजनीतिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र बना रहा।