गयाजी जिले के गुरुआ प्रखंड के नवावचक गांव में दो मासूम सहेलियों की मौत ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। अलग-अलग जाति के परिवारों से आने वाली 13 वर्षीय सुप्रिया और सुहानी की तालाब में डूबने से मौत हो गई। इसके बाद दोनों परिवारों ने समाज के लिए मिसाल पेश करते हुए बेटियों को एक ही कब्र में दफन किया। उनकी आखिरी विदाई ने इंसानियत और दोस्ती की ऐसी तस्वीर दिखाई, जिसकी हर ओर चर्चा हो रही है।
स्कूल से लौटते वक्त हुआ दर्दनाक हादसा
एक-दूसरे को बचाने में चली गई जान
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चियों को पानी से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। दोनों की मौत की खबर सुनते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। पूरे गांव में मातम पसर गया और हर किसी की आंखें नम हो गईं।
दोस्ती को मिला आखिरी सम्मान
इलाके में बनी चर्चा, समाज के लिए छोड़ गईं संदेश
दो मासूम सहेलियों की यह आखिरी विदाई अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के लोग कह रहे हैं कि जिन दो बच्चियों ने जीवनभर दोस्ती निभाई, उन्हें मौत भी अलग नहीं कर सकी। दोनों परिवारों के इस फैसले ने इंसानियत, आपसी प्रेम और सामाजिक सौहार्द की अनूठी मिसाल पेश की है। उनकी दोस्ती समाज से एक सवाल भी पूछती है। जब दो मासूमों की दोस्ती में कभी जाति की दीवार नहीं थी, तो समाज में यह दीवार क्यों?
मृतिका की फाइल फोटो