सीएम नीतीश कुमार ने अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ के तहत नवादा में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए बिना नाम लिए विपक्ष पर निशाना साधा। उनके बयान को लालू प्रसाद यादव पर अप्रत्यक्ष टिप्पणी के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 से पहले राज्य में विकास का अभाव था और आम जनता भय के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर थी।
कानून-व्यवस्था पर सरकार का दावा
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को मजबूत किया गया है। उन्होंने दावा किया कि अब राज्य में लोग बिना डर के दिन-रात कहीं भी आ-जा सकते हैं, जो पहले संभव नहीं था।
मंच से पहले अन्य नेताओं के संबोधन
मुख्यमंत्री के संबोधन से पहले उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी सभा को संबोधित किया। इस दौरान मंच संचालन में एक हल्की गड़बड़ी भी सामने आई, जब एंकर ने सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री कह दिया।
सामाजिक सौहार्द और विवाद समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व के दौर में सांप्रदायिक तनाव की घटनाएं आम थीं। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी कर विवादों को कम करने का प्रयास किया। इसके बाद मंदिरों से जुड़े विवादों के समाधान के लिए भी बाउंड्री निर्माण कराया गया, जिससे प्रदेश में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली।
विकास कार्यों की चर्चा
नीतीश कुमार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क जैसे बुनियादी क्षेत्रों में किए गए कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए गए हैं, अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई गई है और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों और पुल-पुलियों का निर्माण कर कनेक्टिविटी बेहतर की गई है।
पूर्व सरकारों के दौर पर टिप्पणी
मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारों के कार्यकाल को “भय का दौर” बताते हुए कहा कि उस समय महिलाओं की सुरक्षा और आम जनता की सुनवाई पर सवाल उठते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय सत्ता का उपयोग सीमित लोगों के हित में किया जाता था।
बिजली और सौर ऊर्जा योजनाओं पर दी जानकारी
उन्होंने कहा कि पहले राज्य में बिजली की भारी कमी थी, लेकिन अब अधिकांश गांवों तक बिजली पहुंच चुकी है। इसके साथ ही सरकार घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाने की योजना पर काम कर रही है, जिसमें आम जनता को खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए जा चुके हैं और आने वाले वर्षों में इसे और बढ़ाने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख
सभा में पीएम नरेंद्र मोदी के योगदान का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार में विकास कार्यों को गति मिली है।
मुख्यमंत्री ने ‘सात निश्चय’ कार्यक्रम के तहत हुए कार्यों को गिनाते हुए कहा कि हर घर नल-जल, शौचालय निर्माण, छात्रावास, पॉलिटेक्निक और चिकित्सा शिक्षा संस्थानों की स्थापना से आम लोगों को सीधा लाभ मिला है। उन्होंने नवादा में ककोलत जलप्रपात के विकास और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों का भी उल्लेख किया।