राज्यपाल दीप प्रज्चलित करते हुए
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बौद्ध भिक्षुओं और श्रद्धालुओं के लिए वैशाख पूर्णिमा के दिन का विशेष महत्व है। इस मौके पर महाबोधि मंदिर परिसर में पवित्र बोधिवृक्ष की छांव में मुख्य समारोह आयोजित किया जा रहा है। सूबे के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर धम्म दीप प्रज्वलित कर समारोह का आरंभ किया। इस अवसर पर विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में बौद्ध श्रद्धालु गया पहुंचे हैं।
बुद्ध जयंती के मौके पर गुरुवार सुबह यहां स्थित 80 फीट विशाल बुद्ध प्रतिमा के पास से आकर्षक धम्म यात्रा निकाली गई, इसमें शामिल बौद्ध भिक्षु और श्रद्धालु हाथों में पंचशील ध्वज लिए 'बुद्धं शरणं गच्छामि' का जयघोष करते हुए निकले। धम्म यात्रा मंदिर मार्ग से होते हुए महाबोधि मंदिर पहुंची, जहां यात्रा में शामिल सभी लोग कार्यक्रम आयोजन स्थल पवित्र बोधिवृक्ष की छांव तले एकत्रित हुए।
बुद्ध जयंती को लेकर महाबोधि मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था चौकस कर दी गई है। मंदिर की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की सघन जांच कर रहे हैं। अत्याधुनिक स्कैनर से जांच कर प्रवेश दिया जा रहा था। मंदिर के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात दिखे।
यहां पहुंचे श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष तौर पर स्वास्थ्य शिविर और शीतल पेयजल काउंटर खोले गए हैं। इसके अतिरिक्त बोधगया जगह-जगह पर स्थानीय स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा पेयजल और भोजन की व्यवस्था की गई है।