भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक
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भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर गयाजी पहुंचे। इस दौरान परिसदन भवन में आयोजित प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस नेता और लोकसभा में प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी समेत महागठबंधन पर जमकर निशाना साधा। अजय आलोक ने कहा कि बिहार महात्मा गांधी की कर्मभूमि है, लेकिन आज 'उधार के गांधी' भी सामने आ गए हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि जो खुद को गांधी बताते हैं, वे वास्तव में गांधी नहीं हैं। वोटर अधिकार यात्रा निकालकर वे वोट चोरी का आरोप लगा रहे हैं, जबकि इतिहास गवाह है कि भारत के इतिहास में वोट चोरी के आरोप में चुनाव रद्द होने वाली पहली प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी थीं। उन्होंने राजीव गांधी और फारूक अब्दुल्ला पर भी जम्मू-कश्मीर में चुनाव धांधली के आरोप लगाए।
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राजद पर हमला बोलते हुए अजय आलोक ने कहा कि लालू यादव के शासनकाल (1995-2005) में बूथ लूट आम बात थी। उन्होंने कहा, “वोट चोर और बूथ लुटेरे आज मिलकर रैली निकाल रहे हैं और अधिकार यात्रा का नाम दे रहे हैं। यह बिहारी जनता को मूर्ख समझ रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव चुनाव आयोग पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। चुनाव आयोग की मतदाता सूची में 98 प्रतिशत नामांकन पूरा हो चुका है, बावजूद इसके महागठबंधन इसे लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी ने फर्जी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मतदाता सूची से छेड़छाड़ का आरोप लगाया, लेकिन आयोग को न तो कोई सबूत सौंपा और न ही शपथपत्र।
अजय आलोक ने आरोप लगाया कि विपक्ष की रणनीति केवल अव्यवस्था और भ्रम फैलाने की है ताकि लोग संवैधानिक संस्थाओं से भरोसा उठाकर सड़कों पर उतरें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानून लाया है कि कोई भी व्यक्ति 30 दिन से अधिक जेल में रहने पर सांसद या मुख्यमंत्री पद पर नहीं रह सकता। ऐसे कानूनों से विपक्ष घबराया हुआ है। उन्होंने साफ कहा कि “लोकतंत्र में चोर नेताओं की जगह सत्ता नहीं, जेल है। ऐसे लोग प्रधानमंत्री या मुख्यमंत्री नहीं बन सकते।”