मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने समृद्धि यात्रा के चौथे चरण के अंतिम दिन शुक्रवार को औरंगाबाद में आयोजित अंतिम सभा में पूर्ववर्ती सरकार पर जमकर निशाना साधा। बिना नाम लिए उन्होंने लालू-राबड़ी शासनकाल पर हमला बोलते हुए ‘जंगलराज’ की स्थिति की याद दिलाई।
'2005 से पहले होते थे हिंदू-मुस्लिम झगड़े'
बारूण के मुंशीबिगहा में जनसंवाद को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकार में हालात पूरी तरह खराब थे और शाम 7 बजे के बाद लोग घर से निकलने से डरते थे। उस समय आए दिन जातीय संघर्ष और हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते थे तथा बिजली की भी भारी कमी रहती थी। उन्होंने कहा कि 2005 में उनकी सरकार बनने के बाद सुधार के काम शुरू हुए और 2006 से बड़े पैमाने पर कब्रिस्तानों की घेराबंदी कराई गई, जिससे झगड़े कम हुए। बाद में मंदिरों को लेकर विवाद सामने आए तो उनकी भी चहारदीवारी बनवाई गई और अब स्थिति शांतिपूर्ण है।
गिनाई अपनी सरकार की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में विकास नहीं हुआ था, जबकि उनकी सरकार ने स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क समेत हर क्षेत्र में काम किया। स्कूलों की संख्या बढ़ाई गई, नए विद्यालय खोले गए, बालिकाओं के लिए पोशाक और साइकिल योजना चलाई गई तथा शिक्षकों की बड़े पैमाने पर बहाली की गई।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2006 में 3.68 लाख नियोजित शिक्षक बहाल हुए, जबकि 2023 में बीपीएससी के जरिए 2.68 लाख शिक्षकों की नियुक्ति हुई। सक्षमता परीक्षा के माध्यम से 2.66 लाख शिक्षकों को राजकीय शिक्षक का दर्जा मिला और इस तरह कुल 5.24 लाख शिक्षकों की बहाली हुई, जबकि 45 हजार और बहाली प्रक्रिया में है।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पहले पीएचसी में रोज औसतन 39 मरीज आते थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर प्रति माह औसतन 11 हजार हो गई है। राज्य के 21 जिलों में मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं और 6 नए मेडिकल कॉलेज खोलने की योजना है।
'लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे'
मुख्यमंत्री ने ‘जंगलराज’ का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की सरकार का समय डरावना था। शाम के बाद लोग घर से बाहर नहीं निकलते थे और महिलाओं की सुरक्षा नहीं थी। उस समय केवल खास लोगों की ही सुनवाई होती थी और आम जनता के लिए कुछ नहीं किया गया।
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अब राज्य में शांति और अमन-चैन का माहौल
उन्होंने कहा कि अब राज्य में शांति और अमन-चैन का माहौल है और लोग अपने काम में लगे हैं। बिजली के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पहले पटना में भी बिजली की स्थिति खराब थी, लेकिन 2006 से काम शुरू कर 2018 तक हर घर बिजली पहुंचाई गई। अब 125 यूनिट तक मुफ्त घरेलू बिजली दी जा रही है और लोगों के घरों पर सोलर लगाने की योजना लागू की जा रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार ने अब तक 50 लाख युवाओं को नौकरी और रोजगार दिया है और आने वाले 5 वर्षों में 1 करोड़ लोगों को रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आगे और बढ़ाया जाएगा।