बोधिवृक्ष की स्वास्थ्य जांच करते वैज्ञानिक
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बिहार के गया जिले के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर का पवित्र बोधिवृक्ष पूरी तरह से स्वस्थ है। बोधिवृक्ष को सभी तरह के पोषक तत्व प्राप्त हो रहे हैं और यह पहले की अपेक्षा ज्यादा ताजगी भरा दिख रहा है। पेड़ में बड़ी संख्या में फल लग रहे हैं, जो इसकी मजबूती का संकेत है। यह जानकारी पिछले कई वर्षों से बोधिवृक्ष की सेहत की जांच कर रहे फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट (एफआरआइ) देहरादून के पौधा वैज्ञानिकों ने दी है।
जानकारी के मुताबिक, एफआरआई का दो सदस्यीय दल शुक्रवार की देर शाम बोधगया पहुंचा। देहरादून से आए वैज्ञानिकों की टीम ने पहले दिन शनिवार को बोधिवृक्ष की जांच की। वहीं, तीन दिसंबर तक बोधगया में रहकर पेड़ की जांच करेंगे। वन अनुसंधान संस्थान देहरादून के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डा. संतन बर्थवाल और डा. शैलेश पांडे ने बोधिवृक्ष की सेहत की जांच की। उन्होंने बताया कि पत्तियों में संक्रमण का कोई संकेत नहीं है। पेड़ की समग्र स्थिति किसी भी समस्या से मुक्त पाई गई है। नियमित रखरखाव के रूप में कुछ छोटी मृत शाखाओं को हटा दिया गया। पहले की तुलना में काफी दुरुस्त है।
गौरतलब है कि हर साल फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट देहरादून से वैज्ञानिक आते हैं और इस पेड़ की स्वास्थ्य जांच करते हैं। यह पेड़ गया के बोधगया स्थित महाबोधि मंदिर में है। कहा जाता है कि इसी पेड़ के नीचे भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई थी। यह जगह बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए सबसे पवित्र तीर्थ स्थल है।