Bihar news Jehanabadसीबीआई टीम से परिजनों ने किया बातचीत करने से इनकार बैरग वापस लौटी टीम
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नीट छात्रा मामले की जांच के क्रम में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की तीन सदस्यीय टीम चौथी बार पीड़िता के गांव पहुंची, लेकिन इस बार भी टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा। परिजनों ने स्पष्ट रूप से बातचीत करने और पूछताछ में सहयोग करने से इनकार कर दिया, जिसके कारण जांच टीम को बिना जानकारी लिए ही वापस लौटना पड़ा।
परिजनों ने बताया बातचीत से क्यों किया इंकार?
बताया जाता है कि इससे पहले भी सीबीआई टीम तीन बार गांव आ चुकी है और हर बार पूछताछ कर वापस लौट गई। हालांकि, अब तक मामले में कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आने से परिजनों में नाराजगी बढ़ गई है। स्वजनों का कहना है कि बार-बार टीम केवल पूछताछ करने आती है, लेकिन जांच में कोई ठोस प्रगति नजर नहीं आ रही है। इसी कारण इस बार उन्होंने सीधे तौर पर बातचीत से मना कर दिया।
मामले को उलझा रही सीबीआई की टीम
सूत्रों के अनुसार, टीम ने गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया, लेकिन परिजनों के सहयोग न मिलने के कारण ज्यादा जानकारी हासिल नहीं हो सकी। छात्रा के परिजन का साफ तौर पर कहना था कि जिस तरह से पूरे मामले की लीपापोती एसआईटी की टीम कर रही थी, उसी तरह से सीबीआई की टीम मामले को उलझा रही है। परिवार लगातार मांग कर रहा है कि हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के जज के नेतृत्व में मामले की जांच कराई जाए।
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जांच की दिशा और गति पर उठ रहे सवाल
छात्र के परिवार के सदस्य सीबीआई की टीम को देखकर कुछ देर तक मायूस रहे और बाद में बातचीत करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, सीबीआई टीम को सहयोग करने से भी मना कर दिया। पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर मामले की जांच की दिशा और गति पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों के बीच भी इसको लेकर चर्चा का माहौल बना हुआ है। आपको बताते चलें कि जहानाबाद के पतियावा गांव की रहने वाली नीट छात्रा की मौत पटना में हुई थी। वह पटना में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी।