नीट छात्रा प्रकरण की जांच कर रही केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम गहन पूछताछ के बाद बीती रात पटना लौटी ही थी कि अगले दिन छात्रा के भाई को जान से मारने की धमकी देने के मामले में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम दलबल के साथ छात्रा के पैतृक गांव पतियावां पहुंच गई।
टीम ने खिड़की की बारीकी से की जांच
परिवार को धमकी भरी पर्ची मिलने के बाद जांच के लिए शकूराबाद थाना पुलिस के साथ एफएसएल टीम गांव पहुंची। टीम ने छात्रा के घर के किचन की उस खिड़की की बारीकी से जांच की, जो बाहर की ओर खुलती है और जहां से धमकी भरा पर्चा फेंके जाने की आशंका जताई गई है। एफएसएल टीम ने अपने साथ लाए फीते से खिड़की और उसके पास स्थित सीढ़ी की माप ली। इसके अलावा किचन में रखे सामान की भी गहन जांच कर साक्ष्य जुटाए गए।
दो बार छात्रा के गांव पहुंच चुकी है सीबीआई की टीम
बताया जाता है कि इस मामले में सीबीआई की जांच टीम दो बार छात्रा के गांव पहुंच चुकी है। इस दौरान टीम ने छात्रा के माता-पिता और भाई से विस्तृत पूछताछ की। पूछताछ के बाद सीबीआई टीम छात्रा के भाई का मोबाइल फोन जब्त कर बीती रात अपने साथ पटना ले गई।
एसआईटी पर कई लोगों ने उठाए थे सवाल
यह मामला काफी चर्चित रहा है। राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी पर कई लोगों ने सवाल उठाए थे, जिसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की अनुशंसा की थी। सीबीआई पहली बार 15 फरवरी को जहानाबाद जिले के पतियावां गांव पहुंची थी। इसके तीन दिन बाद टीम दोबारा गांव पहुंचकर छानबीन की और परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
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14 फरवरी को पहली बार मिली थी धमकी
गौरतलब है कि 14 फरवरी को छात्रा के घर के किचन में परिवार को जान से मारने की धमकी भरा एक पर्चा फेंका गया था। इसके तीन दिन बाद दोबारा इसी तरह का एक और पर्चा घर में फेंका गया। इसके बाद स्थानीय शकूराबाद थाना पुलिस सक्रिय हुई और एफएसएल टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तथा साक्ष्य एकत्र किए।