गया जी जिले के अतरी विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को हम पार्टी का कार्यकर्ता सम्मेलन और झकझोर झूमर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित किया।
मांझी ने अपने संबोधन में कहा कि दशरथ मांझी को राष्ट्रपति पुरस्कार या भारत रत्न मिलना चाहिए था और वे इसके योग्य थे। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुछ सम्मान देने के लिए धन्यवाद भी कहा और बताया कि दशरथ मांझी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ हुआ। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यह पर्याप्त नहीं था।
मांझी ने भुइयां और मुसहर जातियों के कोड और गणना को लेकर असंतोष जताया। उनके बयान के अनुसार भुइयां और मुसहर के लिए अलग-अलग कोड दिए गए हैं और इससे समाज में विभाजन हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों जातियों का एक साथ गिनना चाहिए। उन्होंने बताया कि 2015 के बाद भुइयां–मुसहर एकजुटता के कारण छह विधायक बने हैं और इस एकजुटता को बनाए रखना जरूरी है।
मांझी ने कहा कि वे अपने समाज के हितों के लिए 20 सीटें मांग रहे हैं और यदि 20 सीटें मिलीं तो वे सामान शिक्षा लागू करेंगे। उन्होंने पेंशन संबंधी मांग भी दोहराई और कहा कि 1,100 रुपये की पेंशन से संतुष्टि नहीं है। उनका कहना था कि चैन तब होगा जब पेंशन 2,000 रुपये होगी। उन्होंने सरकारी स्कूलों के संचालन और पढ़ाने के तरीकों पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि वहां पढ़ाई के बजाय प्रार्थना कराकर खाना खिलाने का रिवाज है। सभा के दौरान मंच पर मौजूद एक व्यक्ति को हटाने का भी निर्देश दिया गया। इस दौरान आयोजकों और पुलिस को कहा गया कि वह व्यक्ति शायद शराब के प्रभाव में है, अतः हटाया जाए।
मांझी ने सभा में यह भी कहा कि भेदभाव करने वाले को अंदरुनी तौर पर दुश्मन मानना होगा तथा भुइयां–मुसहर के प्रतिनिधित्व बढ़ने पर दिल्ली और पटना में सत्ता की संभावनाएं बढ़ेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि अकेला चना भांड़ नहीं फोड़ता और तभी बड़ा राजनीतिक बदलाव संभव है, जब दोनों समुदाय एक साथ आएंगे। कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं और आयोजनों का विवरण आयोजकों द्वारा दिया गया बयान के अनुरूप है।
ये मेरा आखिरी चुनाव
अतरी विधानसभा क्षेत्र में पत्रकारों से बातचीत करते हुए केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि वह अतरी विधानसभा से चुनाव लड़ने की बात कह चुके हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अब तक 13 चुनाव लड़े हैं। 10 में से 8 जीतें, जबकि लोकसभा के 3 चुनाव लड़े और 1 जीत पर हासिल की। मांझी ने कहा कि उनका घर और ससुराल अतरी में है। उन्होंने कहा कि मैंने कहा था कि 75 वर्ष की आयु के बाद चुनाव नहीं लड़ूंगा, लेकिन नीतीश कुमार के निर्देश और अनुरोध पर 2020 में मैंने चुनाव लड़ा। यह मेरा अंतिम चुनाव है। अब हम अपने क्षेत्र से पार्टी का उम्मीदवार खड़ा करवाएंगे।
तेजस्वी पर बोला हमला
पाकिस्तान पर बिफरे
भारत-पाकिस्तान संबंधों पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि अब पाकिस्तान हमारे सामने टिक नहीं सकता। पाकिस्तान कभी हमारा अंग हुआ करता था। ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकवादी ठिकानों को हटाया गया। एक तरफ हमने पाकिस्तान को माफ किया है, लेकिन अब समुद्र से भी मिसाइल छोड़ने की तकनीक उपलब्ध है। पाकिस्तान नक्शे से मिट जाएगा।