दो वर्ष पूर्व लूट के दौरान गोली मारकर जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी करार दिए गए अमन कुमार उर्फ सन्नी कुमार एवं अभिषेक कुमार उर्फ मिंटू कुमार को एडीजे-3 राजेश पांडे की अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। मंगलवार को सजा के बिंदु पर सुनवाई पूरी करने के बाद न्यायालय ने यह फैसला सुनाया।
न्यायालय ने दोनों दोषियों को भादवि की धारा 307 (जानलेवा हमला) के तहत आजीवन कारावास की सजा दी। इसके अलावा लूट के दौरान गोली मारकर जख्मी करने के आरोप में भादवि की धारा 394 तथा घातक हथियार से चोट पहुंचाने के आरोप में भादवि की धारा 326 के तहत भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
साथ ही चोरी का सामान खरीदने के आरोप में भादवि की धारा 411 के तहत तीन वर्ष का कठोर कारावास, आदतन चोरी का सामान रखने के आरोप में भादवि की धारा 413 के तहत दस वर्ष का कठोर कारावास तथा शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-ब) के तहत पांच वर्ष का कठोर कारावास भुगतने का आदेश दिया गया।
इस मामले में एक अन्य अभियुक्त सूरज कुमार को चोरी का सामान छुपाने में सहायता करने के आरोप में भादवि की धारा 414 के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास तथा षड्यंत्र रचने के आरोप में भादवि की धारा 120बी के तहत छह माह की सजा सुनाई गई। वहीं, अभियुक्त राजू कुमार उर्फ राजू यादव को साक्ष्य के अभाव में न्यायालय ने बरी कर दिया।
इस संबंध में अपर लोक अभियोजक शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मखदुमपुर थाना क्षेत्र के पलेया गांव निवासी एवं भवन निर्माण विभाग अरवल में सहायक अभियंता पद पर कार्यरत कुमुद रंजन ने परसबीघा थाना में कांड संख्या 234/23 दर्ज कराया था।
सूचक के अनुसार 11 नवंबर 2023 की शाम करीब छह बजे वे कार्यालय से कार्य समाप्त कर मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-83 न्यू बाइपास रोड के समीप तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवारों ने उनकी बुलेट मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर गोली मारकर जख्मी कर दिया तथा बुलेट मोटरसाइकिल, शोल्डर बैग, ₹3000 नकद और एटीएम कार्ड लूटकर फरार हो गए।
मामले की जांच के बाद अनुसंधानकर्ता ने चार आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सूचक, चिकित्सक एवं अनुसंधानकर्ता सहित कुल आठ गवाहों की गवाही न्यायालय में प्रस्तुत की गई।
मुजफ्फरपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: साले की हत्या के दोषी बहनोई को आजीवन कारावास, एक लाख जुर्माना
पारिवारिक रिश्तों को शर्मसार करने वाले एक जघन्य हत्याकांड में अदालत ने अपना फैसला सुना दिया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (पंचम) की अदालत ने अपने ही साले की हत्या के दोषी बहनोई राकेश कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने उस पर एक लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।
मामला करजा थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार, 7 अगस्त 2021 की रात आरोपी राकेश कुमार अपने साले निराला कुमार के साथ घर की छत पर सो रहा था। इसी दौरान आधी रात को, जब निराला गहरी नींद में था, तब राकेश ने सोई अवस्था में ही उसे गोली मार दी। इस निर्मम हत्या से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई थी।
घटना के बाद मृतक के परिजनों के बयान पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले में आरोप पत्र दाखिल किया। बताया गया कि मृतक निराला कुमार अपने परिवार का इकलौता चिराग था, जिसकी हत्या उसके सगे बहनोई ने कर दी।
कोर्ट के फैसले के बाद मृतक की मां इंदु देवी ने कहा कि वह अदालत के निर्णय का सम्मान करती हैं और न्याय मिलने से संतुष्ट हैं, हालांकि उन्हें उम्मीद थी कि उनके बेटे के हत्यारे को फांसी की सजा मिलेगी।
इस मामले में अधिवक्ता संजय पांडेय ने बताया कि कांड की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने दोषी राकेश कुमार को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। कोर्ट के आदेशानुसार इस राशि में से 80 हजार रुपये पीड़ित परिवार को मुआवजे के रूप में दिए जाएंगे, जबकि शेष 20 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा होंगे।