बाप और बेटी मिलकर अवैध हथियार और कारतूस बेंचने का धंधा कर रहे थे। धंधा चल भी रहा था, लेकिन पुलिस को इसकी भनक लग गई। भनक लगते ही पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की और बाप-बेटी को धर दबोचा। बाप-बेटी अवैध हथियारों को शायद बेच चुके थे या उन्हें पुलिस के आने की पहले से भनक हो गई होगी, इस कारण पुलिस को मौके से अवैध हथियार तो नहीं मिले, लेकिन कुछ जिंदा कारतूस जरूर मिले हैं। मामला औरंगाबाद के ओबरा थाना के मायापुर का है।
दाउदनगर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुमार ऋषिराज ने बताया कि अवैध हथियार और कारतूसों की तस्कर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए ओबरा पुलिस ने दो अवैध हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अवैध हथियार तस्करों में ओबरा थाना के मायापुर निवासी सुभाष यादव (55) एवं पिंकी देवी (27) शामिल हैं। दोनों रिश्ते में बाप-बेटी हैं और दोनों ही मिलकर अवैध हथियारों की बिक्री का धंधा चलाते थे। दोनों के पास से पुलिस ने तीन जिंदा कारतूस बरामद किया है।
उन्होंने बताया कि ओबरा थानाध्यक्ष को गुप्त सूचना मिली थी कि मायापुर के सुभाष यादव एवं उनकी पुत्री पिंकी देवी द्वारा लंबे समय से अवैध हथियार एवं गोली की बिक्री का धंधा किया जा रहा है। दोनों घर से अवैध हथियार और कारतूस की बिक्री कर रहे हैं। सूचना के सत्यापन एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए पुलिस ने गुरुवार को मायापुर पहुंचकर सुभाष यादव के घर में छापेमारी की। इस दौरान पूरे घर की सघन तलाशी ली गई। तलाशी में घर से हथियार तो नहीं मिले। लेकिन तीन जिंदा कारतूस बरामद किया गया।
मामले में पुलिस ने सुभाष यादव एवं उसकी पुत्री पिंकी देवी को गिरफ्तार कर ओबरा थाना लाया गया। थाना में पूछताछ के दौरान बाप-बेटी ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उनके द्वारा अवैध हथियार और कारतूस की बिक्री का धंधा किया जाता रहा है। यह भी स्वीकार किया वे अपराधियों को अवैध हथियार और जिंदा कारतूसों की सप्लाई करते हैं। मामले में पुलिस ने भादंवि की सुसंगत धाराओं के तहत ओबरा थाना में प्राथमिकी संख्या 523/24 दर्ज की है। प्राथमिकी के बाद पुलिस ने गिरफ्तार बाप-बेटी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।