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Bihar News : विश्व प्रसिद्ध सूर्य मंदिर में मत्था टेकने पहुंची इशरत जहां, बोलीं- सनातन के प्रति भी मेरी आस्था

Mon, 05 May 2025 07:48 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

Ishrat Jahan : देश में एक ओर जहां धर्म के नाम पर वैमनस्यता की बात हो रही है, वहीं एक मुस्लिम गायिका ने विश्व प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर में भगवान भास्कर की पूजा अर्चना कर सभी धर्मों का समान आदर करने का अलग ही संदेश दिया है।
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सूर्य मंदिर के गर्भगृह व मंदिर परिसर में गायिका इशरत जहां व अन्य
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विस्तार
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मशहूर गायिका इशरत जहां औरंगाबाद के विश्व प्रसिद्ध सौर तीर्थ स्थल देव पहुंची, जहां उन्होने त्रेतायुगीन सूर्य मंदिर में मत्था टेका और भगवान सूर्य का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान मंदिर के पुजारी ने इशरत को विधिवत पूजा-अर्चना कराई।

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सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था
सूर्यदेव के दर्शन पूजन के बाद इशरत ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं से बातचीत भी की। कहा कि वह मुस्लिम हैं, इसके बावजूद वह सनातन धर्म में गहरी आस्था रखती है। कहा कि उनकी शादी भी मारवाड़ी फैमिली में हुई है। वह दोनों धर्मों को समान रूप से सम्मान देती हैं।

इशरत के देव आने की यह वजह
इशरत ने सनातनी भजन और लोक आस्था के महापर्व छठ के गीत गाए हैं। उनकी आवाज मधुर और सुरीली है। इसे देखते हुए ही देव प्रखंड के करमडीह गांव में हो रहें श्री श्री पंचमुखी हनुमान मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में माहौल को भक्तिमय और अध्यात्ममय बनाने के लिए अयोजको ने उन्हे आमंत्रित किया था। इसी आमंत्रण को स्वीकार कर वह यज्ञ में भक्ति गीतों की प्रस्तुति देने देव आई और प्रस्तुति दी भी।
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समाजसेवियों ने किया स्वागत
देव आने पर गायिका इशरत जहां का यहां के समाजसेवियों आयोजन समिति के अध्यक्ष चंदन सिंह, मुकुल सिंह, मुन्ना पाठक, विजय पांडेय, रुपेश पाठक, उपेंद्र यादव एवं अमित पाठक आदि ने स्वागत किया। इशरत को भगवान सूर्य व प्रभु श्रीराम का मोमेंटो देकर सम्मानित किया। देव आने पर हुए स्वागत से अभिभूत इशरत जहां ने लोगों के आग्रह पर श्रद्धालुओं के बीच छठ गीतों के मुखरे गाए। छ्ठ गीत गाकर उसने भक्तिमय समा बांध दिया।

इशरत ने की पहलगाम घटना की निंदा
इशरत ने बताया कि वह प्रयागराज की रहनेवाली है लेकिन अब मुंबई में सेटल हो गई है। उन्होने पहलगाम घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर कड़ी सख्त कार्रवाई करने की केंद्र सरकार से अपील की। कहा कि सनातन का पूरी दुनियां में डंका बजे और भारत विश्वगुरु बने, इसके लिए उनसे जो भी सहयोग बन पा रहा है, वह अपने माध्यम से अपना योगदान देने में लगी है। सनातन का डंका बजाने के लिए ही वह 18 साल से धार्मिक गीत, संगीत और भक्ति गीत गा रही है।

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