Bihar: सुशील कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने खुद वह फॉर्म देखा। उसमें आधार नंबर, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड जैसी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही थी। यह जानकारी देने पर महिलाओं के बैंक खातों से पैसे उड़ने का खतरा है।
चुनावी साल में वोटरों को लुभाने के नाम पर तरह-तरह के खेल शुरू हो गए हैं। ऐसा ही मामला औरंगाबाद जिले के ओबरा प्रखंड के कारा बाजार में सामने आया, जहां महिलाओं से ‘माई-बहिन योजना’ के तहत प्रतिमाह 2500 रुपये देने का झांसा देकर फॉर्म भरवाया जा रहा था। सूचना मिलते ही भाजपा के पूर्व सांसद सुशील कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और महिलाओं को रोकते हुए सच्चाई बताई।
राजद नेता पर लगाया आरोप
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जानकारी के मुताबिक, युवा राजद के जिला उपाध्यक्ष फहीम अंसारी द्वारा हजारों महिलाओं को बुलाकर फर्जीवाड़ा किया जा रहा था। उन्हें यह कहकर फॉर्म भरवाया जा रहा था कि ‘माई-बहिन योजना’ के तहत हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे। पूर्व सांसद ने वहां पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और बताया कि बिहार सरकार की ओर से इस नाम की कोई योजना नहीं चलाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी है और लोगों को ऐसे भ्रमजाल में नहीं फंसना चाहिए।
सुशील कुमार सिंह ने कहा कि उन्होंने खुद वह फॉर्म देखा। उसमें आधार नंबर, बैंक खाता संख्या और IFSC कोड जैसी व्यक्तिगत जानकारी मांगी जा रही थी। यह जानकारी देने पर महिलाओं के बैंक खातों से पैसे उड़ने का खतरा है।
थानाध्यक्ष को लगाई फटकार
पूर्व सांसद ने मौके से ही ओबरा थानाध्यक्ष को फोन कर फटकार लगाई और कहा कि महिलाओं के साथ इस तरह का फर्जीवाड़ा आपके इलाके में हो रहा है, जिसे रोकना पुलिस की जिम्मेदारी है। वहीं, कुछ महिलाओं ने पूर्व सांसद को बताया कि उन्हें कहा गया था कि यदि वे राजद को वोट देंगी, तो हर महीने 2500 रुपये मिलेंगे। इतना ही नहीं, फॉर्म भरने के नाम पर उनसे पैसे भी मांगे जा रहे थे।