नवादा सदर अस्पताल बदहाली का मार झेल रहा है। यहां बिजली की बेहतर व्यवस्था नहीं रहने से मरीज गर्मी से त्राहिमाम है। पंखा चलता है तो पंखा में हवा ही नहीं आती है। मरीज के परिजन अपने घर से ही पंख लेकर आते हैं और मरीज को हाथ वाले पंख का सहारा लेना पड़ता हैं। कभी टॉर्च की रोशनी में अस्तपाल कर्मी स्ट्रीच करते नजर आते हैं तो कभी उनकी जगह सदर अस्पताल के गार्ड स्ट्रीच करते नजर आते हैं। सदर अस्पताल लूट का अड्डा बन गया है।
जिले पदाधिकारी और प्रतिनिधि स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात करते
नवादा की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यहां पर कोई भी किसी का सुनने वाला नहीं हैं। पानी की समस्या, बेड पर गंदी चादर की समस्या, अस्पताल की बेड पूरी तरह फटा हुआ है, पंखा से हवा भी नहीं आती है। ऐसे तमाम समस्या से लोग परेशान हैं। व्यवस्था पूरी तरह लचर व्यवस्था के रूप में साबित हो गई है। इमरजेंसी वार्ड को पूरी तरह दवाई की कार्टन से भर दिया गया है। ऐसा लगता है कि यह स्टोर बना दिया गया है। सर्जिकल वार्ड में बेड टूट गया है। लेकिन वह बेड को बदला नहीं गया है।