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Bihar News: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा, पीड़िता को मिलेगा मुआवजा

Mon, 23 Jun 2025 04:41 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद

सार

Bihar: अंतिम सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से निवेदन किया कि अभियुक्त का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, वह संपन्न परिवार से है और उसका भविष्य बर्बाद न हो, इसलिए उसे कम सजा दी जाए।
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व्यवहार न्यायलय - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार के औरंगाबाद जिले की एक विशेष पोक्सो अदालत ने नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। स्पेशल पोक्सो कोर्ट के न्यायाधीश लक्ष्मीकांत मिश्रा ने सोमवार को सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने की स्थिति में तीन महीने अतिरिक्त कारावास की सजा भी निर्धारित की गई है।

विशेष लोक अभियोजक (स्पेशल पीपी) शिवलाल मेहता ने बताया कि यह मामला औरंगाबाद महिला थाना कांड संख्या 66/23 एवं जीआर संख्या 145/23 से संबंधित है। कोर्ट ने 20 जून को गोह प्रखंड के उपहारा थाना क्षेत्र के हसामपुर गांव निवासी अभियुक्त कौशल कुमार उर्फ नटवर को भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (ए)(बी) और पोक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत दोषी करार दिया था।

पीड़िता को मिलेगा मुआवजा

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कोर्ट ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार, औरंगाबाद को निर्देश दिया है कि पीड़िता को तीन लाख रुपये की क्षतिपूर्ति (मुआवजा) प्रदान की जाए, जिससे उसे आगे के पुनर्वास में मदद मिल सके।पीड़िता की ओर से दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, 29 नवंबर 2023 को वह खेत में घास काटने गई थी। इसी दौरान आरोपी ने उसका हाथ पकड़कर जबरदस्ती ज़मीन पर पटक दिया और मुंह दबाकर दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता को गंभीर चोटें आई थीं और उसके पेट से खून बहने लगा था। घटना के बाद से अभियुक्त पिछले एक वर्ष छह महीने और 21 दिनों से न्यायिक हिरासत में है।

पढ़ें: आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गई पुलिस टीम पर हमला, तीन पुलिसकर्मी घायल; परिजनों ने किया पथराव

बचाव पक्ष ने सजा में राहत की लगाई थी गुहार

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अंतिम सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कोर्ट से निवेदन किया कि अभियुक्त का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, वह संपन्न परिवार से है और उसका भविष्य बर्बाद न हो, इसलिए उसे कम सजा दी जाए। हालांकि, विशेष लोक अभियोजक ने अपराध की गंभीरता और पीड़िता की अल्पायु होने का हवाला देते हुए अधिकतम सजा की मांग की।

एक साल के भीतर सुनाया गया फैसला

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इस मामले में पुलिस अवर निरीक्षक अनीता कुमारी समेत पांच गवाहों की गवाही हुई, वहीं बचाव पक्ष की ओर से तीन गवाह प्रस्तुत किए गए। 28 जून 2024 को आरोप गठन के बाद महज एक साल के भीतर कोर्ट ने इस मामले में निर्णय सुनाया, जो न्यायिक प्रक्रिया की त्वरित गति को दर्शाता है।

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