नक्सल प्रभावित गया जिले में सुरक्षाबलों को एक बार फिर बड़ी कामयाबी मिली है। शुक्रवार को छकरबंधा थाना से सटे औरंगाबाद व गया जिले की सीमा पर स्थित पचरुखिया और लुटुआ थाना क्षेत्र के देहरातरी जंगल में चलाए गए सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षाबलों ने जमीन में छिपाकर प्लांट किया गया एक कमांड आईईडी बरामद किया है। यह आईईडी करीब तीन किलोग्राम वजनी था और इसे पहाड़ी चट्टानों के नीचे, जमीन में गहरे दबाकर प्रेशर कुकर के जरिए प्लांट किया गया था। बताया जा रहा है कि इसे वायरिंग के जरिए रिमोट कमांड से नियंत्रित करने के लिए तैयार किया गया था। सुरक्षाबलों की सतर्कता से नक्सलियों की यह बड़ी साजिश समय रहते विफल कर दी गई।
5 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
एसडीपीओ ने की पुष्टि
इमामगंज एसडीपीओ अमित कुमार ने इस ऑपरेशन की पुष्टि करते हुए बताया कि यह आईईडी नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों को भारी नुकसान पहुंचाने की मंशा से लगाया गया था, लेकिन सतर्क जवानों ने समय रहते इसे बरामद कर निष्क्रिय कर दिया। उनके अनुसार यह आईईडी कमांड सिस्टम से जुड़ा हुआ था और इसे चट्टानों और मिट्टी के नीचे छिपाकर बहुत सुनियोजित ढंग से प्लांट किया गया था। सुरक्षाबलों की सूझबूझ से बड़ी अनहोनी टल गई।
नक्सलियों की बढ़ती गतिविधि
जानकारों के अनुसार, झारखंड के पलामू क्षेत्र में हाल ही में हुए एक एनकाउंटर के बाद नक्सलियों की कई टुकड़ियां बिहार के गया और औरंगाबाद के सीमावर्ती जंगलों में सक्रिय हो गई हैं। इन टुकड़ियों में महिला सदस्य भी शामिल हैं और मानसून के दौरान वे फिर से सक्रियता बढ़ाने की कोशिश में हैं। एक माह पहले ही कुख्यात नक्सली अखिलेश सिंह भोक्ता उर्फ पतरकी ने आत्मसमर्पण किया था। उसके बाद से ही नक्सली नितेश यादव उर्फ इरफान डुमरिया और अन्य सदस्य क्षेत्र में सक्रियता बनाए हुए हैं। सुरक्षा बलों के अनुसार, नक्सली संगठन बार-बार आईईडी लगाकर न केवल अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की कोशिश कर रहे हैं, बल्कि सुरक्षाबलों को निशाना भी बनाना चाहते हैं।
पहले भी मिल चुके हैं आईईडी