औरंगाबाद मंडल कारा के एक बंदी की इलाज के दौरान शनिवार को हुई मौत पर शहर में दिनभर हंगामा होता रहा। स्थिति तब और बिगड़ गई जब मृतक कैदी के हाथों में मौत के बाद भी हथकड़ी लगी मिली, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। परिजनों ने जेल प्रशासन पर आरोपों को अनसुना करने का विरोध किया और शव को पुलिस द्वारा पोस्टमार्टम के लिए ले जाने से रोक दिया। परिजन और ग्रामीण शव को लेकर सदर अस्पताल से रमेश चौक पहुंचे और सड़क को चारों ओर से जाम कर दिया। इससे शहर का यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
परिजनों का आरोप– जेल में पिटाई से हुई मौत
रमेश चौक पर बवाल, पुलिस से उलझे परिजन
धर्मेंद्र की मौत और मौत के बाद भी हथकड़ी नहीं खोले जाने को लेकर ग्रामीण और परिजन रमेश चौक पर जुट गए। जमकर नारेबाजी हुई और जेल प्रशासन पर कार्रवाई की मांग उठी। सूचना पर नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन उलझ गए। इसी दौरान कुछ लोगों ने नगर थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार सिंह को घेरकर मारपीट की। हालात बेकाबू होते देख पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इससे अफरातफरी मच गई और कई लोग चोटिल हुए। बाद में वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम हटवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
विधायक बने रहे मूकदर्शक
घटना की जानकारी मिलने पर नबीनगर के राजद विधायक विजय कुमार सिंह उर्फ डबल्यू सिंह भी मौके पर पहुंचे। हालांकि वे स्थिति देखकर मूकदर्शक बने रहे। बाद में उन्होंने कहा कि यह घटना नीतीश सरकार के सुशासन की पोल खोलती है। पहले निर्दोष को झूठे आरोप में जेल भेजा गया और फिर जेल में पिटाई कर मार डाला गया। यदि समय पर कार्रवाई होती तो यह नौबत नहीं आती।
पुलिस का पक्ष