बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है, लेकिन इसके बावजूद झारखंड से बिहार को जोड़ने वाली एक कम लंबी सड़क अवैध शराब कारोबार के लिए अघोषित सेफ पैसेज बनी हुई है। इस मार्ग से होकर रोजाना अवैध देशी और विदेशी शराब की खेप गुजरने के दावे किए जा रहे हैं। पुलिस की ओर से लगातार बरामदगी के बावजूद यह सिलसिला थमता नहीं दिख रहा।
ग्रामीण रास्तों का हो रहा ज्यादा इस्तेमाल
झारखंड, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में शराबबंदी नहीं होने के कारण बिहार के दक्षिणी इलाकों में इन्हीं राज्यों से शराब की आवक अधिक बताई जाती है। औरंगाबाद जिले में झारखंड सीमा पर एनएच-139 पर अंबा थाना क्षेत्र में चेकपोस्ट और स्कैनर की व्यवस्था की गई है, लेकिन ग्रामीण इलाकों से होकर आने वाली सड़कों पर ऐसी सख्ती नहीं है। अवैध शराब कारोबारी इन्हीं ग्रामीण रास्तों को परिवहन के लिए अधिक सुरक्षित मानते हैं।
बारूण–जपला रोड पर चार थानों की जिम्मेदारी
झारखंड को जोड़ने वाली बारूण–जपला सड़क पर औरंगाबाद जिले में बारूण, नरारीकला खुर्द, बड़ेम और खैरा थाना क्षेत्र पड़ते हैं। इन सभी थानों की पुलिस नियमित रूप से गश्त और छापामारी का दावा करती है और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई भी होती रहती है।
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रोजाना हो रही है शराब की बरामदगी
इन थाना क्षेत्रों में पुलिस प्रतिदिन अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, सेवन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए कार्रवाई करती है। बरामदगी और गिरफ्तारियों की सूचनाएं भी सामने आती हैं, लेकिन इसके बावजूद इस सड़क से होकर शराब का अवैध कारोबार जारी रहने की बात कही जा रही है।
बुधवार को भी हुई अलग-अलग जगहों पर बरामदगी
बुधवार को भी पुलिस ने इस इलाके में अवैध शराब की बरामदगी की। बड़ेम थाना क्षेत्र में ससना बाजार से आगे मुख्य सड़क के पास से 180 लीटर देशी शराब और 35.25 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई। इस मामले में रोहतास जिले के तिलौथु थाना क्षेत्र के जयनगरा निवासी चंद्रशेखर कुमार को गिरफ्तार किया गया। वहीं बारूण थाना क्षेत्र के भुईंया टोला से 70.5 लीटर देशी शराब बरामद हुई। इसके अलावा अंबा थाना क्षेत्र में धनीबार मानी रोड के पास एक टेंपो से 225 लीटर टनाका देशी शराब जब्त की गई, जिसमें बड़े ब्रांड की विदेशी शराब की बोतलें भी शामिल बताई गई हैं।
मिलीभगत के आरोप और उठते सवाल
जानकारों का कहना है कि पुलिस द्वारा रोज दिखाई जाने वाली बरामदगी उस मात्रा की तुलना में बहुत कम है, जितनी शराब इस सड़क से होकर गुजरने का दावा किया जा रहा है। उनका आरोप है कि रोज पकड़ी जा रही शराब के मुकाबले कई गुना अधिक खेप पार हो जाती है, जो बिना किसी मिलीभगत के संभव नहीं है। इसी कारण बारूण–जपला रोड को अवैध शराब कारोबार के लिए अघोषित सेफ पैसेज माना जाने लगा है।