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Bihar Election: चुनाव से पहले लालू की पार्टी को झटका, पीएम मोदी के मंच पर नजर आए राजद के दो विधायक

Fri, 22 Aug 2025 02:25 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया/ नवादा

सार

जदयू की ओर से कहा गया कि सीएम नीतीश कुमार  बिना किसी भेदभाव के बिहार के सभी वर्गों को साथ लेकर एक न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला रखी। वह सबको साथ लेकर चलते हैं। जदयू में सबका सम्मान किया जाता है। 
 
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राजद विधायक विभा देवी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की पार्टी को बड़ा झटका लगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गया दौरे के दौरान नवादा से राष्ट्रीय जनता दल की वर्तमान विधायक विभा देवी और रजौली विधायक प्रकाश वीर पीएम मोदी के मंच पर दिखाई दिए। इसके बाद सियासी गलियारे में हड़कंप मच गया। दोनों विधायक जल्द ही सीएम नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड का दामन थामने जा रहे हैं। दोनों को विशेष तौर पर पीएम मोदी के मंच पर बुलाया गया था। हालांकि, जदयू की ओर से इसकी औपचारिक घोषणा अब तक नहीं की गई है।

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राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया
जानकारी के मुताबिक, पूर्व राज्य मंत्री राजवल्लभ प्रसाद यादव की पत्नी विभा देवी लंबे समय से राजद से नाराज चल रही थीं। वहीं, प्रकाश वीर भी पार्टी में अपनी अनदेखी से असंतुष्ट बताए जा रहे हैं। हाल में ही उन्होंने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और राजद नेताओं पर कई आरोप लगाए थे। हाल में ही विभा देवी प्रेस वार्ता कर कहा था कि ने कहा कि उन्होंने, उनके जेठ कृष्णा प्रसाद, स्व. जेहल प्रसाद या जेल में बंद राजबल्लभ प्रसाद ने कभी वोट का सौदा नहीं किया। यह नवादा है, राघोपुर नहीं, जहां एक दिन में करोड़ों रुपये बांटे जाते हैं। उन्होंने कहा कि नवादा के सैकड़ों परिवारों से उनका नाता है। उन्हें हर बात की जानकारी है।
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परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है
पूर्व मंत्री राजबल्लभ यादव की पत्नी और नवादा सदर से राजद विभा देवी ने कहा कि तेजस्वी और उनके कुछ करीबी नेताओं द्वारा उनके और उनके परिवार पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। उनके सम्मानित परिवार की छवि को खराब करने की कोशिश की जा रही है। विभा देवी ने कहा कि वह राजनीति में अपना सम्मान बेचकर नहीं आई हैं। उन्होंने कभी घूस नहीं ली और न ही भ्रष्टाचार किया। विभा देवी ने आरोप लगाया कि जब सरकार बनाने-बिगाड़ने का खेल चल रहा था, तब तेजस्वी के साथ रहने वाले उनके कुछ करीबी नेताओं ने उनसे भारी धनराशि की मांग की थी। वह यह रकम नहीं दे सकीं। इसके बावजूद उन्होंने और विधायक प्रकाश वीर ने पार्टी नहीं छोड़ी। जबकि कई नेताओं ने उन्हें पाला बदलने का प्रलोभन दिया था। उन्होंने कहा कि यही उनकी गलती थी कि वह तेजस्वी को गलत काम के लिए पैसा नहीं दे सकीं।

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