मंगलवार की सुबह जिला मुख्यालय में एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रोजमर्रा की तरह जिला योजना पदाधिकारी अविनाश प्रकाश समाहरणालय परिसर स्थित योजना भवन में सरकारी कार्यों में जुटे थे। इस दौरान उन्हें किसी कार्य से जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री से मिलने की आवश्यकता पड़ी। डीएम से मुलाकात के लिए वे कार्यालय से पैदल ही चल पड़े। जैसे ही वे समाहरणालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर पहुंचे, अचानक वहां की छत की रेलिंग से जुड़ा एक छज्जा भरभरा कर गिर पड़ा।
छज्जा उनके बेहद करीब गिरा और सिर व कोहनी से रगड़ता हुआ जमीन पर आ गिरा। गनीमत रही कि छज्जा सीधे उनके सिर पर नहीं गिरा, वरना यह हादसा जानलेवा हो सकता था। छज्जे की चपेट में आने से डीपीओ जमीन पर गिर पड़े और उनके घुटनों में चोट आ गई। हादसे के बाद वे बदहवासी की हालत में पास ही स्थित उपसमाहर्ता सह प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (डीपीआरओ) रत्ना प्रियदर्शिनी के कक्ष में जा पहुंचे। डीपीआरओ ने जब उन्हें लहूलुहान हालत में देखा तो तत्काल सहयोगियों की मदद से उन्हें सदर अस्पताल पहुंचाया।
सदर अस्पताल में भी अव्यवस्था उजागर
ऑपरेशन थिएटर इतना गंदा क्यों है? क्या आपको पता नहीं कि गंदगी से मरीजों को इन्फेक्शन हो सकता है?” घटना की जानकारी मिलते ही जिला कार्यक्रम प्रबंधक (डीपीएम) मौके पर पहुंचे और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होगी। सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. वीरेंद्र सिंह ने भी ड्रेसर को अपने कार्यालय में बुलाकर कड़ी फटकार लगाई। इलाज के बाद डॉक्टरों ने डीपीओ को छुट्टी दे दी और कुछ दिनों के लिए विश्राम करने की सलाह दी है।
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समाहरणालय भवन की जर्जर हालत पर उठे सवाल