गया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी के लोगो और वेबसाइट लॉन्च समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए अगले पांच वर्षों में 12 लाख लोगों को राज्य में रोजगार देने का लक्ष्य रखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब औद्योगिक विकास के अगले चरण में प्रवेश करने के लिए तैयार है। बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 के जरिए देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया जाएगा। सरकार ने उद्योगों के लिए 20 हजार एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा है। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 15 नीतियां भी बनाई गई हैं।
पांच साल में 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की तैयारी
सम्राट चौधरी ने कहा कि उद्योगों के लिए जमीन, पानी और बिजली सबसे जरूरी संसाधन हैं। सरकार अगले पांच वर्षों में 20 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की दिशा में काम करेगी। इसमें सौर ऊर्जा, ग्रीन एनर्जी और हाइड्रोजन ऊर्जा को भी शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छह स्टील प्लांट से जुड़े निवेशकों ने सरकार के साथ एमओयू किया है। बिहार को स्टील हब बनाने की भी तैयारी है।
गया में बनेगी मगध टाउनशिप
मुख्यमंत्री ने गया में ‘मगध’ के नाम से नई टाउनशिप विकसित करने की योजना बताई। बोधगया में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, बेहतर सड़कें और आधुनिक बुनियादी ढांचा विकसित करने पर जोर दिया गया। साथ ही, उद्योगों और कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ड्राई पोर्ट की सुविधा विकसित करने की जरूरत बताई गई।
फल्गु नदी तक पानी पहुंचाने की योजना
मगध क्षेत्र में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए सोन नदी को फल्गु नदी से जोड़ने के लिए कॉरिडोर बनाने की योजना है। सरकार का उद्देश्य उद्योगों की पानी संबंधी जरूरतें पूरी करना और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को गति देना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, बिहार में रेलवे क्षेत्र में करीब एक लाख करोड़ रुपये और सड़क क्षेत्र में करीब चार लाख करोड़ रुपये के निवेश से जुड़े कार्य चल रहे हैं। दरभंगा एयरपोर्ट के नए टर्मिनल का काम शुरू हो चुका है, जबकि भागलपुर और सोनपुर में पीपीपी मॉडल पर एयरपोर्ट विकसित करने की योजना है।
जीतनराम मांझी समेत कई नेताओं ने की निवेश की अपील
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि बिहार में उद्योगों के विकास के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं। उन्होंने पानी की उपलब्धता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार पैदा करने पर जोर दिया। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी, विजेंद्र प्रसाद यादव, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और अन्य मंत्रियों ने भी बिहार की औद्योगिक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए निवेशकों से राज्य में उद्योग लगाने की अपील की।
उद्योग सह खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि बिहार की बड़ी आबादी कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत है। उन्होंने बताया कि गया में 1670 एकड़ भूमि पर मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की गई है। सरकार का लक्ष्य निवेश बढ़ाकर स्थानीय युवाओं को रोजगार देना और बिहार को पूर्वी भारत में मैन्युफैक्चरिंग एवं इनोवेशन का प्रमुख केंद्र बनाना है।