Bihar Assembly Election 2025: एनडीए के उम्मीदवार आनंद को बिहार विधानसभा के चुनावी मैदान में जिताने के लिए एक सियासी वादा किया गया है। जनसंपर्क के दौरान पूर्व सांसद आनंद मोहन के द्वारा किए गए इस वादे की चर्चा रफ्तार पकड़ रही है। चलिए बात रहे हैं उन्होंने क्या कहा है...?
बिहार विधानसभा चुनाव के बीच औरंगाबाद जिले के नबीनगर में एक सियासी वादे की चर्चा जोर पकड़ रही है। गौरतलब है कि शिवहर के विधायक रह चुके चेतन आनंद इस बार नबीनगर विधानसभा सीट से एनडीए समर्थित जदयू के उम्मीदवार हैं। वे लगातार गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। वहीं, उनके पिता, पूर्व सांसद आनंद मोहन, मां और शिवहर की सांसद लवली आनंद भी बेटे को जिताने के लिए पूरी ताकत झोंक रही हैं।
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आखिर क्या है आनंद मोहन का ये सियासी वादा?
पूर्व सांसद ने जो सियासी वादा प्रचार अभियान के बीच किया है वो यह कि यदि क्षेत्र की जनता उनके बेटे को विजयी बनाएगी तो तीन तरह के फायदे लोगों को देने के लिए कहा है, वो कहते हैं कि पहला फायदा ये होगा कि विधायक बनने के बाद चेतन आनंद नबीनगर क्षेत्र की जनता के पटना वाले काम करवाएंगे। दूसरा फायदा, दिल्ली से जुड़े काम चेतन की मां और सांसद लवली आनंद करेंगी। तीसरा फायदा ये है कि जो काम इन दोनों से नहीं हो पाएगा, उसे खुद आनंद मोहन पूरा करेंगे। इस तरह, चेतन आनंद को जिताने पर नबीनगर की जनता को एक के बदले तीन स्तर पर मदद मिलेगी। बेटा विधायक, मां सांसद और पिता पूर्व सांसद के रूप में सहयोगी रहेंगे।
राजनीतिक हलकों में चर्चा
आनंद के पिता के बयान की चर्चा जोर पकड़ रही है। लेकिन बड़ी बात यह है कि ये सियासी वादा कितना कारगर साबित होता है। क्या जनता उनके इस वादे पर यकीन करेगी? खैर जो भी हो, आनें वाले समय पर सब कुछ साफ हो जाएगा। इस सीट पर महागठबंधन या एनडीए किसके उम्मीदवार की जीत होगी?