गया जंक्शन पर महाकुंभ से लौट रहे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। गया के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम और वरीय पुलिस अधीक्षक आनंद कुमार ने रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर भीड़ नियंत्रण के लिए अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान रेलवे, जीआरपी और आरपीएफ के अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) तैयार किया है। इसके तहत गया रेलवे स्टेशन और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
यात्रियों की सुरक्षा के लिए 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे
भीड़ प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए गया रेलवे स्टेशन पर 100 हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों के जरिए प्लेटफॉर्म, प्रवेश द्वार और अन्य संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जाएगी। प्रशासन का कहना है कि कोई भी असामाजिक तत्व अगर व्यवस्था भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अतिरिक्त पुलिस बल और सख्त निगरानी के आदेश
भीड़ नियंत्रण को लेकर जिला पदाधिकारी ने यह स्पष्ट निर्देश दिया है कि किसी भी स्थिति में कोई भी टेंपो या ई-रिक्शा प्लेटफार्म पर नहीं पहुंचेगा। अनुमंडल पदाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (सिटी) को यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है। इसके अलावा फुट ओवर ब्रिज और प्लेटफार्म पर चढ़ने-उतरने के दौरान भी पुलिस बल तैनात रहेगा। यात्रियों को जानकारी देने के लिए नियमित रूप से ट्रेन की घोषणाएं करवाई जाएंगी। साथ ही प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि अचानक प्लेटफॉर्म बदलने जैसी स्थिति न बने, ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।
यात्रियों को कतारबद्ध चढ़ाने की व्यवस्था
डीएम ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेन में चढ़ते समय कतारबद्ध होकर व्यवस्था बनाए रखें। प्रतिनियुक्त अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित और सुगम चढ़ाई की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित करें।
भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया है। अपर समाहर्त्ता (विधि व्यवस्था) और नगर पुलिस अधीक्षक को वरीय नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। वहीं, अनुमंडल पदाधिकारी और अपर पुलिस अधीक्षक (सिटी) को नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। भीड़ प्रबंधन के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की संख्या भी बढ़ा दी गई है।
28 फरवरी तक कंट्रोल रूम की व्यवस्था
यात्रियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने गया रेलवे स्टेशन पर एक कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो 28 फरवरी तक संचालित रहेगा। इसमें मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी और जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा, यात्रियों की आपातकालीन जरूरतों के लिए फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस की व्यवस्था भी की गई है।
अधिकारियों ने रेलवे के साथ की बैठक
निरीक्षण के बाद डीएम और एसएसपी ने रेलवे अधिकारियों के साथ बैठक कर भीड़ नियंत्रण की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। इस बैठक में एसओपी के क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।