औरंगाबाद जिले के देव प्रखंड में ईगुनियां टांड़ गांव के पास छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं से भरे एक ऑटो के कुएं मे पलट जाने से वाहन में सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों के सहयोग से सभी घायलों को आनन-फानन में इलाज के लिए देव के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया, जहां चिकित्सकों ने प्रारंभिक उपचार के बाद हालत नाजुक देखते हुए बेहतर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
बताया जाता है कि ऑटो पर सवार सभी यात्री कार्तिक छठ करने के बाद बरहेता गांव से बच्चे का मुंडन संस्कार कराने देव सूर्य मंदिर जा रहे थे। इसी दौरान ईगुनियां टांड़ गांव के पास ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। जहां पर वाहन पलटा, वहां जमीन पर समतल में एक कुआं था और ऑटो पलटने के बाद सवार समेत कुएं में जा गिरा। इस दौरान कुएं में डूबने से एक छह वर्षीय बालक और एक 15 वर्षीया बालिका की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कार्तिक छठ मेला में ड्यूटी पर तैनात देव थानाध्यक्ष विकास कुमार और नबीनगर थानाध्यक्ष मनोज पांडेय सदल बल मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों के सहयोग से पलटे हुए ऑटो को कुएं से बाहर निकाला गया।
मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस अधिकारीद्वय ने स्थानीय गोताखोर सुदामा प्रसाद सिंह और सूर्यकुंड में तैनात एनडीआरएफ की टीम को घटना स्थल पर बुलाया और कुएं से दोनों बच्चों के शवों को बाहर निकलवाया। मृत बच्चों की पहचान गया जिले के गुरूआ थाना क्षेत्र के पेंदापुर निवासी संजय चौधरी की पुत्री सविता कुमारी (15) एवं बरहेता निवासी पप्पू चौधरी के पुत्र दिलखुश कुमार (छह) के रूप में की गई है। मृतकों में एक सविता कुमारी माता-पिता के साथ कार्तिक छठ पर्व पर अपने रिश्तेदार के घर बरहेता गांव आई हुई थी। छ्ठ पर्व करने के बाद पूरा परिवार एक बच्चे का मुंडन संस्कार कराने ऑटो से देव सूर्य मंदिर आ रहा था।
इसी दौरान यह हादसा हुआ, जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई और आधा दर्जन यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में बरहेता निवासी पप्पू चौधरी का पुत्र आयुष कुमार (तीन), विकास चौधरी की पुत्री ज्योति कुमारी, बरंडा निवासी मुन्नी भुंईयां का पुत्र राजू कुमार (18), बरहेता निवासी प्रिंस राज (13) एवं अन्य शामिल हैं। सभी घायल देव थाना क्षेत्र के ही निवासी हैं। औरंगाबाद सदर अस्पताल में इलाज के बाद सभी घायलों की हालत में सुधार है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जाती है। इस बीच देव थाना की पुलिस ने दोनों शवों को कब्जें में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल लाया है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई में जुटी है।
सूर्य मंदिर घाट पर स्नान के दौरान तालाब में डूबने से 12 वर्षीया बालिका की मौत
लोक आस्था के महापर्व कार्तिक छ्ठ पर एक बालिका की छठी आहर में डूबने से मौत के बाद परिवार में मातम छा गया। घटना औरंगाबाद के सूर्य मंदिर तालाब की है। मृतका की पहचान शहर के रामडीहा निवासी प्रदीप चौधरी की पुत्री सोनी (12) के रूप में की गई है।
बताया जाता है कि रामडीहा निवासी प्रदीप चौधरी अपनी पत्नी और पुत्री के साथ सूर्य उपासना के लिए सूर्य मंदिर तालाब आए थे। उदयाचल सूर्य को अर्घ्य देने के पूर्व स्नान करने के दौरान किशोरी का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चली गई। घाट पर मौजूद लोगों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया और गंभीर हालत में उसे तालाब से बाहर निकाला। इसके बाद परिजन उसे लेकर इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है। घर में मातम पसरा है। रामडीहा मुहल्ले में शोक का माहौल है। कार्तिक छठ पर्व के मौके पर हुए इस दु:खद हादसे ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। घटना से एक बार फिर से तालाबों और नदी घाटों पर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। लोगों का कहना है कि यदि तालाब में गहराई के पहले बैरिकेडिंग की गई होती तो यह हादसा नहीं होता। हादसे के बाद अधिकारियों ने इस घटना के बाद भविष्य में श्रद्धालुओं से सावधानी बरतने की अपील की है, ताकि आगे इस तरह की कोई अनहोनी न हो। हादसे के बाद स्थानीय निवासी और शासन-प्रशासन के लोगों ने शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना जताई है।