औरंगाबाद जिले में एक 13 वर्षीय बच्ची की संदिग्ध मौत का मामला अब राजधानी पटना के सियासी गलियारों तक पहुंच चुका है। इस मामले में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की सक्रियता के बाद यह घटना न सिर्फ राजनीतिक तूल पकड़ चुकी है, बल्कि दलित उत्पीड़न के आरोपों के कारण सामाजिक रूप से भी संवेदनशील बन गई है।
तेजस्वी यादव ने इस मामले को लेकर न सिर्फ सरकार पर सीधा हमला बोला, बल्कि राजद की एक जांच टीम को मौके पर भेजकर पीड़ित परिवार से मुलाकात भी करवाई। टीम के नेतृत्व में पहुंचे पूर्व मंत्री सह राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुरेश पासवान ने मोबाइल पर तेजस्वी यादव की पीड़ित परिवार से बात कराई। इस बातचीत में तेजस्वी यादव ने पीड़ितों को न्याय का भरोसा दिलाया और पार्टी नेताओं को अंतिम दम तक संघर्ष करने का निर्देश दिया।
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क्या है पूरा मामला?
औरंगाबाद पुलिस के अनुसार, 14 मार्च 2025 को नगर थाना क्षेत्र के बस पड़ाव हरिजन टोली में एक कार की टक्कर से 13 वर्षीय कोमल कुमारी गंभीर रूप से घायल हुई थी। घायल कोमल को इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों के बयान दर्ज किए और एफएसएल टीम द्वारा सबूत भी जुटाए गए। घटना को लेकर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और पुलिस द्वारा सभी विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है।
मृतका के पिता ने लगाए गंभीर आरोप
वहीं, दर्ज प्राथमिकी में मृतका के पिता विनय पासवान ने साफ तौर पर घटना को सुनियोजित साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि होली खेलने के दौरान कुछ स्थानीय बच्चों द्वारा एक घर की दीवार पर कीचड़ गिर जाने के बाद, मनोज सिंह, विनोद सिंह और रंजन कुमार उर्फ सन्नी ने बच्चों से गाली-गलौज की और धमकी दी। इसके बाद रंजन कुमार ने जानबूझकर कार चलाकर बच्ची को टक्कर मारी, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई और बाद में अस्पताल में मौत हो गई। साथ ही उनकी पत्नी की बहन की बेटी मुस्कान कुमारी भी घायल हुई, जिसका इलाज चल रहा है।
मुख्य आरोपी लोजपा (रामविलास) नेता का बेटा
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि मुख्य आरोपी रंजन कुमार उर्फ सन्नी, लोजपा (रामविलास) के प्रदेश महासचिव और रफीगंज से विधानसभा चुनाव लड़ चुके मनोज सिंह का बेटा है। मनोज सिंह और उनके भाई विनोद सिंह भी इस मामले में सह आरोपी हैं। इसी कारण घटना ने राजनीतिक रंग पकड़ लिया है और अब यह सत्ता और विपक्ष के बीच सियासी लड़ाई का मुद्दा बन गया है।
एलजेपीआर नेताओं ने भी पीड़ित परिवार से की मुलाकात
घटना के बाद एलजेपीआर के जिलाध्यक्ष चंद्रभूषण सिंह उर्फ सोनू सिंह ने भी पीड़ित परिवार से मिलकर सांत्वना दी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी पार्टी भी अपने स्तर से जांच कर रही है और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
पूर्व सांसद ने की निष्पक्ष जांच की मांग
वहीं, औरंगाबाद के पूर्व सांसद व भाजपा नेता सुशील सिंह ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि वह पीड़ितों के साथ हैं और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं। साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही भ्रामक और जातीय भावनाओं को भड़काने वाली खबरों से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि घटना को राजनीतिक रंग देने की कोशिश की जा रही है, जबकि एक व्यक्ति की गलती पूरे समाज पर थोपना उचित नहीं है।
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राजद प्रतिनिधिमंडल ने जताई गहरी आशंका
पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राजद के प्रतिनिधिमंडल के संयोजक डॉ. सुरेश पासवान ने कहा कि यह महज दुर्घटना नहीं लगती, बल्कि एक इरादतन हमला प्रतीत होता है। उन्होंने बताया कि घटना की शुरुआत एलजेपीआर नेता के घर की दीवार पर होली की कीचड़ पड़ने से हुई, जिसके बाद गाली-गलौज और फिर जानलेवा हमला हुआ। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के मोबाइल का सीडीआर खंगालने और घटनास्थल की पूरी फॉरेंसिक जांच करने की मांग की।
डॉ. पासवान ने कहा कि राजद इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक से भी मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग करेगी। प्रतिनिधिमंडल में राजद के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष अनील कुमार साधु, जिलाध्यक्ष अमरेंद्र कुशवाहा, प्रदेश महासचिव युसूफ आजाद अंसारी सहित कई नेता शामिल थे।