हेडमास्टर के घर से मिले चावल के बोरे
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औरंगाबाद जिले के हसपुरा में राजकीय कन्या मध्य विद्यालय से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) के चावल को स्कूल से ई-रिक्शा द्वारा हेडमास्टर के घर ले जाने का वीडियो वायरल हो रहा है। यह घटना मंगलवार की बताई जा रही है। इस वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक ई-रिक्शे पर छह बोरी चावल स्कूल से ले जाया जा रहा है। दूसरे वीडियो में इसी स्कूल के प्रधानाध्यापक रविशंकर पाठक के घर पर नौ बोरी चावल रखा हुआ दिखाई दे रहा है।
हेडमास्टर के घर मिलीं चावल की बोरियां
कहा जा रहा है कि स्कूल के पास के कुछ बच्चों ने इस घटना का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। वीडियो में दिख रहा है कि हेडमास्टर के घर पर चावल के बोरे एक बेंच पर रखे हुए हैं। युवकों द्वारा वीडियो में चावल के बोरे में चीरा लगा कर चावल की जांच की गई और चावल साफ-सुथरा पाया गया। इससे यह संदेह बढ़ गया कि चावल को कालाबाजारी के लिए ही स्कूल से हेडमास्टर के घर भेजा गया था।
हेडमास्टर ने दी सफाई
इस मामले में हेडमास्टर रविशंकर पाठक ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि चावल में कीड़े लग गए थे, इसलिए उसे छंटाई के लिए भेजा गया था। हालांकि जब युवकों ने उनसे चावल की छंटाई की जगह दिखाने को कहा तो उन्होंने टालमटोल किया। इसके बाद हेडमास्टर ने युवकों को अपने घर ले जाकर चावल दिखाया। जहां चावल पूरी तरह से ताजा था, जिससे संदेह और बढ़ जाता है।
हसपुरा के प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रदीप कुमार चौधरी और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अशोक कुमार ने इस वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर हेडमास्टर या अन्य संबंधित व्यक्तियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।