औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय से एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है, जहां एक आरोपी ने जमानत मिलने की उम्मीद में आत्मसमर्पण कर दिया, लेकिन जमानत याचिका खारिज होते ही कोर्ट से फरार हो गया। यह घटना बुधवार को उत्पाद कोर्ट-2 के न्यायाधीश नीतीश कुमार की अदालत में हुई।
कैसे हुआ फरार?
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही के अनुसार, आरोपी विजय राम औरंगाबाद जिले के माली थाना अंतर्गत नवाडीह का निवासी है। उसने माली थाना कांड संख्या-48/17 में आत्मसमर्पण किया था। इस मामले में 2019 से वह लगातार गैरहाजिर चल रहा था, जिसके कारण कोर्ट ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। आत्मसमर्पण के बाद कोर्ट ने सुनवाई में कहा कि आरोपी को दो दिन जेल में रहना होगा और 21 दिसंबर 2024 को आरोप गठन के बाद ही उसे बंधपत्र पर रिहा किया जाएगा। जमानत नहीं मिलने की सूचना के तुरंत बाद आरोपी ने कोर्ट कर्मियों को चकमा दिया और मौके से फरार हो गया।
अवैध शराब के साथ हुई थी गिरफ्तारी
अधिवक्ता ने बताया कि 2017 में आरोपी को छह लीटर अवैध शराब के साथ गिरफ्तार किया गया था। उस समय उसे कोर्ट से जमानत भी मिल गई थी। लेकिन 2019 से वह अदालत में पेश नहीं हो रहा था, जिससे उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया गया।
पुलिस ने शुरू की तलाश
आरोपी के फरार होने के बाद कोर्ट कर्मियों और अधिवक्ता ने उसकी खोजबीन की, लेकिन वह नहीं मिला। अब पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और उसे जल्द गिरफ्तार करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।