औरंगाबाद में पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संयुक्त अभियान में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के जोनल और सब जोनल कमांडर समेत चार कुख्यात नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी पर सरकार ने एक-एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था। पुलिस ने इनसे तीन देसी कट्टा, आठ जिंदा कारतूस और दो मोबाइल भी बरामद किए हैं। इन नक्सलियों की गिरफ्तारी हसपुरा थानाक्षेत्र के बघोई टोले सत्यदेव नगर से की गई।
ऐसे हुई इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी
औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने सोमवार को प्रेसवार्ता में बताया कि पुलिस को एसटीएफ से गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ नक्सली किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं और हसपुरा थाना के बघोई टोले सत्यदेव नगर में सत्येंद्र सिंह के घर पर ठहरे हुए हैं। इस सूचना पर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने छापामारी की। पुलिस को देखते ही नक्सली भागने लगे, लेकिन उन्हें खदेड़कर पकड़ लिया गया। नक्सलियों की निशानदेही पर सत्येंद्र सिंह के घर से तीन हथियार और आठ जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
गिरफ्तार नक्सली और उनकी पहचान
गिरफ्तार नक्सलियों में जोनल कमांडर विनय रविदास उर्फ नट बोल्ट उर्फ पुरुषोत्तम रविदास उर्फ रंजन रविदास (मलहद गांव, बंदेया थाना), सब जोनल कमांडर सुभाष यादव उर्फ गौरव (काजी बिगहा, गोह थाना), हार्डकोर नक्सली सत्येंद्र रविदास उर्फ विधायक जी (अरई गांव, दाउदनगर थाना) और सत्येंद्र सिंह (बघोई टोले, हसपुरा थाना) शामिल हैं।
लेवी वसूली के मास्टरमाइंड थे गिरफ्तार नक्सली
गिरफ्तार नक्सलियों ने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि वे सभी लंबे समय से भाकपा माओवादी संगठन से जुड़े हुए थे और लेवी वसूली का काम करते थे। पुलिस का मानना है कि यह सभी नक्सली लेवी वसूली में माहिर रहे हैं।
पुलिस अधीक्षक अंबरीश राहुल ने बताया कि गिरफ्तार नक्सलियों में से तीन पर सरकार ने एक-एक लाख का इनाम घोषित किया था। इनमें जोनल कमांडर विनय रविदास, सब जोनल कमांडर सुभाष यादव और हार्डकोर नक्सली सत्येंद्र रविदास शामिल हैं। इन तीनों का आपराधिक इतिहास भी लंबा है।
आपराधिक रिकॉर्ड और लंबी सूची
विनय रविदास पर गया जिले के आंती थाना में कांड संख्या 07/07, 08/07, 04/09 और 05/09 दर्ज हैं, जबकि सुभाष यादव पर रफीगंज थाना में कांड संख्या 50/14, 216/24, गोह थाना में 140/13, खुदवां थाना में 12/13 और पौथू थाना में 18/24 दर्ज हैं। अन्य दोनों नक्सलियों का पुलिस आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
प्राथमिकी दर्ज कर भेजा गया जेल
गिरफ्तारी के बाद चारों नक्सलियों के खिलाफ हसपुरा थाना में भारतीय दंड संहिता की धारा 25(1-बी) ए, 26, 35 शस्त्र अधिनियम और यूएपीए एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। चारों नक्सलियों को जेल भेज दिया गया है। प्रेसवार्ता में दाउदनगर के एसडीपीओ कुमार ऋषि राज और हसपुरा थानाध्यक्ष नरोत्तम भी मौजूद थे।