गया जिले में वांटेड अपराधी की गिरफ्तारी के लिए पहुंची एसटीएफ टीम पर ग्रामीणों द्वारा हमला किए जाने से हड़कंप मच गया। घटना मगध मेडिकल थाना क्षेत्र के खिरियावां स्थित भुइं टोली में रविवार देर रात हुई। उग्र भीड़ ने जवानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनकी दो सर्विस पिस्टल छीन लीं। बाद में पुलिस ने पूरे गांव की घेराबंदी कर देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया।
जानकारी के अनुसार, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम मुफस्सिल थाना क्षेत्र के वांटेड अपराधी मनोज मांझी की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वह भुइं टोली में छिपा हुआ है। टीम सादे लिबास में दबिश देने पहुंची थी। इसी दौरान ग्रामीणों को शक हुआ कि पुलिस शराबबंदी को लेकर छापेमारी करने आई है। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग जुट गए और माहौल तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति तब बिगड़ गई जब भीड़ ने पुलिस टीम को घेर लिया। हालात को नियंत्रित करने के लिए जवानों ने अपनी सर्विस पिस्टल निकालकर चेतावनी दी, लेकिन इससे भीड़ और आक्रामक हो गई। ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में तीन जवान मणि कांत दुबे, संतोष चौबे और नीरज पंडित गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के दौरान दो जवानों की सर्विस पिस्टल भी छीन ली गई।
घायलों को तत्काल अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। दो जवानों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि नीरज पंडित की आंख पर गहरी चोट लगी है। चिकित्सकों ने सीटी स्कैन की सलाह दी है। सभी घायलों का इलाज जारी है।
पुलिस महकमे में हड़कंप
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। एसएसपी सुशील कुमार, सिटी एसपी कोटा किरण कुमार और टाउन डीएसपी के नेतृत्व में कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और गांव को चारों ओर से घेर लिया। देर रात तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान सात लोगों को हिरासत में लिया गया तथा कई घरों की तलाशी ली गई। अधिकांश पुरुष और युवक गांव छोड़कर फरार बताए जा रहे हैं। कई घरों में ताले लटके मिले।
सर्च ऑपरेशन के दौरान सड़क किनारे खेत से लूटी गई दोनों सर्विस पिस्टल बरामद कर ली गईं। हालांकि मुख्य हमलावर अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ हत्या के प्रयास, सरकारी कार्य में बाधा और हथियार लूटने जैसी गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज करने की तैयारी कर रही है।
भतीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी
फिलहाल गांव में तनाव बना हुआ है। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस के लिए यह घटना बड़ी चुनौती बन गई है।