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Bihar: असम विमान क्रैश में बिहार का बेटा शहीद, हादसे से दो घंटे पहले मां से हुई थी बात; गांव में पसरा मातम

Sat, 13 Jun 2026 10:03 PM IST
मगध ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद

सार

असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान हादसे में जहानाबाद के वायुसैनिक शुभम कुमार शहीद हो गए। घटना से बनवरिया गांव में मातम पसरा है। हादसे से कुछ घंटे पहले ही शुभम ने अपनी मां से वीडियो कॉल पर बात की थी।

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असम विमान क्रैश में जहानाबाद के शुभम कुमार हुए शहीद - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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देश की सेवा करते हुए जहानाबाद का एक जांबाज बेटा शहीद हो गया। हुलासगंज प्रखंड के बनवरिया गांव निवासी 26 वर्षीय शुभम कुमार इस हादसे में वीरगति को प्राप्त हुए हैं। इस खबर के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। दरअसल, असम के जोरहाट वायुसेना स्टेशन पर शनिवार, 13 जून 2026 को भारतीय वायुसेना का एक AN-32 परिवहन विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस दर्दनाक हादसे में वायुसैनिक शुभम कुमार समेत वायुसेना के पांच कर्मियों की मौत हो गई। वहीं, विमान के सह-पायलट घायल हो गए, जिनका सैन्य अस्पताल में इलाज चल रहा है।
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गांव में मचा कोहराम, पसरा मातम
शनिवार सुबह करीब 11 बजे जैसे ही शुभम के शहीद होने की खबर उनके पैतृक गांव बनवरिया पहुंची, परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। देखते ही देखते शुभम की शहादत की खबर पूरे हुलासगंज प्रखंड में फैल गई। गांव के लोग स्तब्ध हैं और शुभम के घर पर सांत्वना देने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी है। हर किसी की आंखें नम हैं और पूरे इलाके में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

भाई बोला- पहले लगा यह भ्रामक खबर है
शहीद शुभम कुमार के छोटे भाई सत्यम ने रुंधे गले से बताया कि शुरुआत में जब हादसे की सूचना मिली तो परिवार को लगा कि शायद यह कोई गलत या भ्रामक खबर है। किसी का भी दिल इस अनहोनी को स्वीकार करने को तैयार नहीं था। लेकिन जब सत्यम ने पुष्टि के लिए शुभम के मोबाइल पर कॉल किया, तो सैन्य अधिकारियों ने घटना की आधिकारिक जानकारी दी। यह सुनते ही घर में चीख-पुकार मच गई।
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'अभी जल्दबाजी में हूं, फ्री होकर बात करूंगा'... मां से हुई थी आखिरी बातचीत
सत्यम ने बताया कि शनिवार सुबह करीब नौ बजे शुभम ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी मां से बात की थी। उस समय वह बेहद खुश और सामान्य नजर आ रहे थे। सत्यम ने कहा कि उस वक्त उनकी भाई से बात नहीं हो सकी थी। शुभम ने मां से सिर्फ इतना कहा था, "अभी थोड़ा जल्दबाजी में हूं, फ्री होकर बात करूंगा।" किसे पता था कि यह उनकी आखिरी बातचीत होगी और इसके बाद वह कभी लौटकर बात नहीं कर पाएंगे।

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2021 में वायुसेना में हुए थे भर्ती, माता-पिता के सपने अधूरे रह गए
ग्रामीणों के अनुसार शुभम कुमार बेहद होनहार और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे। उन्होंने वर्ष 2021 में भारतीय वायुसेना जॉइन की थी। किसान पिता अमरेंद्र आनंद उर्फ पप्पू सिंह और गृहिणी मां अपने बेटे की उपलब्धि पर गर्व करते थे। परिवार ने शुभम की शादी को लेकर कई सपने संजो रखे थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। शुभम दो भाइयों में बड़े थे और पूरे परिवार की उम्मीदों का केंद्र थे। घर में मची चीख-पुकार के बीच पिता अमरेंद्र आनंद और मां की हालत बेहद खराब है। वहीं, इस हादसे के बाद पूरा जहानाबाद जिला अपने इस वीर सपूत की शहादत पर गर्व के साथ-साथ गहरे शोक में डूबा हुआ है।
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