दिल्ली के वसंत कुंज में चलती बस में हुए रेप के बाद उठे विरोध और कड़े कानून बनने के बाद भी देश में ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं।
समस्तीपुर के दलसिंग सराय स्टेशन के पास चलती ट्रेन में चार युवकों द्वारा नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं आरोपियों ने दुष्कर्म के बाद पीड़िता को चलती ट्रेन से बाहर फेंक दिया।
पीड़िता की हालत गंभीर है डॉक्टर के अनुसार उसकी कई जगह हड्डी टूट गई हैं और ब्रेन इंजरी भी है।
चलती ट्रेन से फेंक देने के बाद पीड़िता सुबह पटरी के किनारे बेहोशी की हालत में मिली। पीड़िता को दलसिंग सराय रेल अफसर ने देखा और पुलिस को इसकी सूचना दी।
पीड़िता को पहले दलसिंग सराय अस्पताल में भर्ती कराया गया फिर समस्तीपुर सदर अस्पताल में लाया गया। होश आने पर उसने अपने साथ हुई घटना पुलिस को बताई।
पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर समस्तीपुर रेल थाने में मामला दर्ज कर लिया है और अपराधियों को ढंढूने की कोशिश की जा रही है।
पीड़िता के अनुसार वह गोपालगंज के महमदपुर की रहने वाली है और उसका प्रेम प्रसंग मोतिहारी के रुपेश के साथ था। पीड़िता और रुपेश दोनों घर से भाग गए थे और मोतिहारी में ही किराये के मकान में रह रहे थे।
अपनी योजना के अनुसार दोनों कोलकाता जाने के लिए एक्सप्रेस ट्रेन से निकले। वे दोनों नजीर गंज स्टेशन तक साथ थे फिर दोनों में कुछ कहा सुनी हुई और रुपेश बगल की बोगी में चला गया।
पीड़िता के अनुसार काफी अंधेरा हो गया था और तभी जिस सीट पर वह बैठी थी वहीं बैठे चार अन्य लोग उससे छेड़छाड़ करने लगे। विरोध करने पर उन्होंने पीड़िता का मुंह गमछे से बांध कर दुष्कर्म किया।
पीड़िता अस्पताल में लावारिस हालत में लायी गयी थी इसलिए उसकी देखरेख का जिम्मा जिला बाल कल्याण समिति को सौंपा गया है।
बाल कल्याण समिति के चेयरमैन का कहना है की यह दिल्ली से भी शर्मनाक घटना है क्योंकि यह तो सबसे सुरक्षित माने जाने वाले ट्रेन में हुई। फिर भी रेल पुलिस लापरवाह बनी हुई है कोई कारवाई नहीं हुई है।