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पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने कबूला- लालू के परिवार को 'गिफ्ट' में दी थी करोड़ों की जमीन

Sat, 29 Apr 2017 02:58 PM IST
amarujala.com- Presented by: मनीष कुमार
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लालू प्रसाद यादव - फोटो : SELF
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राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) ने शुक्रवार को कथित तौर पर स्वीकार किया कि पूर्व केंद्रीय मंत्रियों ने उन्हें विवादित प्रोपर्टी दी थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा और कांति सिंह ने आरजेडी चीफ लालू के परिवार को जमीन देने की बात कबूली लेकिन उन्होंने बीजेपी नेता सुशील मोदी के आरोपी को निराधार बताया है।
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दरअसल, मोदी ने आरोप लगाया था कि झा और सिंह ने केंद्रीय मंत्री बनने के लिए अपनी जमीन आरजेडी चीफ लालू को गिफ्ट में दे दी थी। सुशील मोदी के आरोपों के मुताबिक पटना जिले के दानापुर में करीब 41,400 स्कॉयर फीट जमीन लालू की पत्नी राबड़ी देवी के नाम लीज पर दी गई। 99 साल के लिए इसका किराया 1250 रुपये महीना तय किया गया।

मोदी के इन आरोपों पर सफाई देते हुए कांति सिंह ने कहा कि आरजेडी 2005 में चुनाव हार गई थी। लालू के पास 100 से ज्यादा गाय थी, जिन्हें रखने के लिए ये जमीन उनके परिवार को लीज पर दी गई थी। सिंह ने कहा कि बाद में 2010 में ये जमीन राबड़ी देवी को बेच दी क्योंकि लोकसभा चुनाव में हारने की वजह से उन्हें 1 करोड़ रुपये की जरूरत थी।
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झा के बेटे अजीत कुमार झा ने भी कहा है कि लालू के परिवार को जमीन दी गई थी, लेकिन इसे गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। अजीत ने कहा कि जमीन मेरी, हम उसको किसे गिफ्ट करें, उससे किसको क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि उनके पिता केंद्र सरकार के अलावा बिहार सरकार में कई औहदों पर रहे हैं, और उन्होंने राजीनितक करीयर बनाने के लिए कड़ी मेहनत की है। उनके ऊपर लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है।
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मिट्टी घोटाले में लालू को राहत

लालू प्रसाद यादव
दरअसल, बिहार सरकार की ओर से कथित मिट्टी घोटाले में लालू परिवार को क्लीन चिट दिए जाने के बाद सुशील मोदी ने नया आरोप लगाया था। लालू को कथित मिट्टी घोटाले में उस वक्त राहत मिली जब बिहार के मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि विभागीय संचिका के अध्ययन में किसी प्रकार की गड़बड़ी नहीं पाई गई है और मिट्टी घोटाले जैसा कुछ नहीं हुआ है।

मुख्य सचिव ने कहा कि मिट्टी की केवल 9 लाख की खरीद हुई है और उसके लादने और लाने का खर्च जोड़ दें तो 40 लाख के आसपास जाता है, ऐसे में 90 लाख की मिट्टी खरीदने की बात बेबुनियाद है। ऐसे में किसी भी शख्स पर कोई आरोप नहीं बनता है।
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