बिहार विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव को लेकर लालू प्रसाद यादव की कथित ऑडियो से बिहार में राजनीति गरमा गई है। ऑडियो वायरल होने के बाद बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने भी लालू प्रसाद यादव पर आरोप लगाते हुए कहा है कि स्पीकर के चुनाव से पहले लालू ने उनसे भी फोन पर बात करने की कोशिश की थी।
जीतन राम मांझी ने जानकारी दी कि ना सिर्फ लालू प्रसाद यादव बल्कि पार्टी के विधायकों और उनके परिवार के लोगों ने उन्हें फोन किया था और बात करने की कोशिश करनी चाही। लेकिन मैं लालू की इस चाल में नहीं फंसा और मैंने उनके संबंधित किसी भी व्यक्ति से बात नहीं की।
बता दें कि बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने लालू प्रसाद यादव के भाजपा विधायक को फोन पर उन्हें बहलाने-फुसलाने का आरोप लगाया था। सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट के जरिए इस बात की जानकारी दी थी, इसके बाद भाजपा विधायक लल्लन पासवान ने इस बात की पुष्टि की थी।
हालांकि झारखंड हाईकोर्ट में भाजपा के अनुरंजन अशोक ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जनहित याचिका दायर कर दी है। इस याचिका में जेल के नियमों को तोड़ने की बात कही गई है और जेल प्रशासन की लापरवाही का जांच होनी चाहिए, इसकी मांग की गई है। जेल के नियमों के मुताबिक हिरासत के दौरान फोन या मोबाइल का इस्तेमाल किसी से बात नहीं की जा सकती।