बिहार में औरंगाबाद नगर थाना बुधवार की दोपहर जलने से बच गया। आग लगने के बाद उस पर जल्द ही काबू पा लिया गया। ऐसा नहीं होने पर विभिन्न मामलों में जब्त किए गए थाना परिसर में रखे करीब 300 दो पहिया और चार पहिया वाहन जलकर खाक हो जाते।
बताया जा रहा है कि नगर थाना परिसर के अंदर से होकर ही 11 हजार वोल्ट का बिजली का तार गुजरा है। भयंकर गर्मी के बीच चल रहे लू के थपेड़ों से बिजली का 11 हजार वोल्ट का तार आपस में टकरा कर स्पार्क कर गया और तार भी टूटकर गिर गया। तार से निकली चिंगारी वहीं पड़े कूड़े-कचरे के ढेर पर जा गिरी। इससे उसमें आग लग गई। आग की लपटों के तेज होने और उससे उठते धुएं पर अचानक से थाने में मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों और आसपास से गुजर लोगों की नजर पड़ी। फिर वे लोग आनन-फानन में आग बुझाने दौड़ पड़े।
इस दौरान आग बुझाने के लिए जिसके हाथ में जो कुछ लोटा या बाल्टी लगी, सभी उसमें जहां-तहां से पानी लेकर आग बुझाने पहुंचे। वहीं, थाने के बगल में स्थित एक कोयले के दुकानदार ने आग से कोयला जलने से बचाने के लिए अपने घर की टंकी से पाइप से पानी दिया। फिर काफी मशक्कत कर आग पर काबू पा लिया गया। इस दौरान आग बुझाने से पहले बिजली विभाग को सूचना देकर बिजली आपूर्ति भी बंद करा दी गई थी।
अगर आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जाता तो उसकी चपेट में आने से थाना परिसर के मैदान में रखे विभिन्न मामलों में जब्त करीब तीन सौ दो पहिया और चार पहिया वाहन जल जाते। ऐसे में स्थिति कितनी भयावह होती, वह कल्पना से परे है। वहीं, आग थाना परिसर में स्थित भवनों में भी लग सकती थी। खैर संयोग अच्छा रहा कि एक बड़ा हादसा टल गया। लेकिन इस छोटी सी आग लगने की घटना ने नगर थाना की व्यवस्था की भी पोल खोल दी।
औरंगाबाद के सभी थानों में दमकल गाड़ी उपलब्ध है, लेकिन औरंगाबाद नगर थाना में एक अदद दमकल उपलब्ध नहीं है। अगर दमकल गाड़ी मौजूद होती तो उसका इस्तेमाल इस घटना में कर लिया जाता। इससे आग बुझाने के लिए इतनी परेशानी झेलने के बजाय सुविधाजनक तरीके से उस पर काबू पा लिया जाता।
औरंगाबाद नगर थानाध्यक्ष सतीश बिहारी शरण ने बताया कि शॉर्ट सर्किट से आग लगी थी। आग पर काबू पा लिया गया है। आग बुझाने में आसपास के लोगों ने सुझबुझ का परिचय दिया और सराहनीय सहयोग किया है। आग लगने की घटना में जान-माल की कोई क्षति नहीं हुई है। कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।