मुजफ्फरपुर आश्रय गृह के पीड़िता से बलात्कार मामले पर बेतिया के पुलिस अधीक्षक जयंत कांत ने बताया कि पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है और पीड़िता को मेडिकल टेस्ट के लिए भेजा गया है।
वहीं इस मामले पर अब राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा आदेश दिया गया था कि पीड़िता की सुरक्षा का ध्यान रखा जाए लेकिन लापरवाही बरती गई। अध्यक्ष ने कहा कि हमने घटना का संज्ञान लिया है और डीजीपी बिहार को लिखकर जांच समिति गठित करने के लिए कहा है और मैं इस मामले में बिहार के मुख्यमंत्री से भी मिलूंगी।
बता दें कि बिहार के मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड की एक पीड़ित लड़की को शुक्रवार की रात अगवा कर चार युवकों ने चलती गाड़ी में सामूहिक दुष्कर्म किया। पीड़िता का इलाज बेतिया के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बताई जा रही है।
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि शुक्रवार की रात वह अपने मुहल्ले में ही थी। इसी दौरान कार सवार चार लोगों ने उसे गाड़ी के भीतर खींच लिया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने चलती गाड़ी में उसके साथ दुष्कर्म किया और फिर उसे वापस मोहल्ले के पास छोड़ कर फरार हो गए।
उसमें कहा है कि आरोपियों ने नकाब पहना हुआ था, लेकिन विरोध के दौरान पीड़िता उनका नकाब हटाने में कामयाब रही। सभी युवक एक ही परिवार के हैं।
महिला आयोग ने किया समिति का गठन
राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने मुजफ्फरपुर आश्रयगृह में रह चुकी एक लड़की से चलती कार में सामूहिक बलात्कार के मामले की जांच के लिए सोमवार को एक समिति गठित की। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा के नेतृत्व वाली समिति इस सप्ताह बाद में बिहार का दौरा करेगी और पीड़िता, पुलिस महानिदेशक और संभवत: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करेगी।
शर्मा ने ट्वीट किया, बिहार से हमारे सदस्य नियमित दौरे करते हैं और उन्होंने महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध के मामलों को उठाया है लेकिन चीजों में सुधार होता प्रतीत नहीं हो रहा है। मैं सभी मामलों पर निजी तौर पर बिहार के डीजीपी से और संभव हुआ तो बिहार के मुख्यमंत्री के साथ भी चर्चा करूंगी।
उन्होंने कहा, वह पहले से पीड़िता है, उसकी मदद करने के बजाय उसे इस सब से गुजरना पड़ा। हम उसे वह सभी मदद मुहैया कराएंगे जिसकी उसे जरूरत है या जिसकी वह मांग करेगी। हमें उसकी सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी।
आयोग ने बिहार के पुलिस प्रमुख को नोटिस जारी कर मामले को प्राथमिकता देने और जांच को तेजी से पूरा करने को कहा है।