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Bihar News : दरभंगा AIIMS की जमीन नदी के पानी में डूबी है; केंद्र के दावे और नीतीश सरकार की जिद का हाल देखिए

Thu, 17 Aug 2023 03:54 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Narendra Modi Vs Nitish Kumar : प्रधानमंत्री के अनुसार जिस एम्स में इलाज हो रहा, उस जमीन को देखिए। मुख्यमंत्री जिस जमीन पर एम्स बनवाने को अड़े हैं, उस जमीन को देखिए। फिलहाल, जमीन दिखेगी नहीं। इसलिए, कमर भर पानी में मछली मारते मछुआरों को देखिए।
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दरभंगा एम्स के लिए चिह्नित की गई जमीन का हाल देखिए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दरभंगा एम्स को लेकर बिहार की नीतीश सरकार और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार के बीच आर-पार की लड़ाई चल रही है। यह लड़ाई प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान के बाद ज्यादा बढ़ गई, जब उन्होंने कहा कि लोगों की सुविधा के लिए यह बनाया गया है। राज्य की महागठबंधन सरकार के लगभग हर नेता ने प्रधानमंत्री को जमकर घेरा कि बना ही नहीं तो सुविधा की बात कहां। दिल्ली जाने से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना में साफ कहा कि दरभंगा एम्स बनेगा तो शोभन में ही। 'अमर उजाला’ रिपोर्टर ने उस जमीन पर जाने की कोशिश की, लेकिन वहां तो नदी का पानी भरा हुआ है। छातीभर पानी है। मछली मारने वाले मिले, उन्होंने भी मजा लेते हुए कहा- “जखन धरि दुनू सरकार फरिऔतै, तावत धरि मांछ मारि अपन पेट भरि ली। अवसर छै तऽ किएक छोड़ल जाए।नदी में पानि अयलै अछि।” ("जब तक दोनों सरकार कोई बीच का रास्ता निकाले, तबतक तो हम मछली मारकर पेट पाल लें। मौका है तो क्यों छोड़ा जाए। नदी का पानी आया है।)

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बिहार सरकार ने दरभंगा एम्स के लिए यही जमीन चिह्नित की है। - फोटो : अमर उजाला
शोभन इलाके की जमीन पर मछली मार रहे मछुआरे
बिहार सरकार के अनुसार, शोभन बाइपास के पास पंचोभ के इस मौजा में जो ग्रीन फील्ड दिया है उसी में एम्स निर्माण का प्रस्ताव दिया गया था। मुख्यमंत्री जिस शोभन की जमीन पर एम्स बनाने की बात कर रहे, वहां अभी फिलहाल जलजमाव है। नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का पानी आ गया है। पानी इतना है कि अब यहां कमर से ऊपर तक पानी में प्रवेश कर चुका है। मछुआरा मछली मारने के काम में जुटे हुए देखे जा रहे हैं।

हर साल की तरह बारिश में डूब जाती है यह जमीन
ऐसे में यदि केंद्रीय स्वास्थ विभाग की टीम उनकी बात मानकर दुबारा यहां जमीन की जांच की जाएगी तो उसे यहां जमीन मिलेगी ही नहीं। क्योंकि हर साल की तरह बरसात के पानी के साथ नदियों के जलस्तर बढ़ते ही यह पूरा इलाका तीन से चार माह तक पानी डूब जाता है। 
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शोभन बाइपास इलाके की जमीन। - फोटो : अमर उजाला
एम्स निर्माण के नाम पर केवल राजनीति
अब यह साफ हो गया है 2024 के लोकसभा चुनाव से पूर्व एम्स निर्माण के नाम पर केवल राजनीति ही होती रहेगी। लोकसभा चुनाव में हर पार्टी अपनी अपनी तरीके से राजनीत रोटी सेंकने का काम करेगी। और जनता एम्स नहीं बनने से ठगे महसूस करते रहेंगे।

जिस जमीन की सीएम बात कर रहे, वहां कमर भर पानी
स्थानीय प्रदीप गुप्ता ने कहा कि जब इनलोगों को एम्स का निर्माण करना ही नहीं था। डीएमसीएच परिसर में बड़े-बड़े क्वाटर्स को क्यों तोड़ दिया है। करोड़ो की संपत्ति को तोड़ दिया गया। अब मुख्यमंत्री कहते हैं कि शोभन में ही बनाना होगा उस जमीन पर अभी कमर ऊपर पानी है। इसमें मछुवारे मछली मारते नजर आते हैं।

मिथिलावासियों को ठग रहे भाजपा और जदयू के लोग 
सीतेश कुमार कहते हैं कि भाजपा और जदयू के लोग मिथिलांचल के लोगो को ठगने का काम कर रहे हैं। इन्हें एम्स के निर्माण और मिथिला के लोगों का कोई ख्याल नहीं है। यह लोग लॉलीपॉप दिखाकर लोगों का वोट जुटाने की जुगाड़ में लगे हैं।
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