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जदयू की उम्मीदवारों की सूची से पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय का नाम गायब, लड़ेंगे लोकसभा उपचुनाव!

Wed, 07 Oct 2020 11:16 PM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

  • पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को जदयू ने नहीं दिया टिकट।
  • वाल्मीकी नगर लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ने की चर्चा।
  • नौकरी से वीआरएस लेकर पांडेय जी ने ज्वाइन की थी राजनीति।
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बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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विस्तार
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बिहार विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइडेट) ने बुधवार को अंतिम सूची जारी कर दी है। इस सूची में गौर करने वाली बात यह है कि जदयू ने बिहार के पूर्व डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट नहीं दिया है, जिन्होंने नीतीश कुमार की पार्टी में शामिल होने के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली।

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ऐसा लगता है कि बक्सर से विधानसभा चुनाव लड़ने की उनकी कोशिश खतरे में पड़ गई है, क्योंकि यह निर्वाचन क्षेत्र भाजपा के कोटे में चला गया है। जदयू के पास बक्सर जिले की राजपुर और डुमरांव दो विधानसभा सीटें है, जबकि शेष दो, बक्सर और ब्रह्मपुर, भाजपा के पास चली गई हैं।


भाजपा ने पहले चरण के चुनाव के लिए 29 उम्मीदवारों की सूची जारी की है। जिसमें से बक्सर सीट से परशुराम चतुर्वेदी को टिकट दिया गया है और ब्रह्मपुर सीट विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के कोटे में चला गया है। कयास लगाए जा रहे थे कि गुप्तेश्वर पांडेय बक्सर जिले के किसी सीट से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे।
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ऐसे में सोशल मीडिया पर ये सवाल उठने लगे हैं कि अब पांडेय जी का क्या होगा? जिस तामझाम के साथ उन्होंने नीतीश के कुमार की मौजूदगी में सदस्यता ग्रहण की थी। उससे साफ लग रह था कि गुप्तेश्वर पांडेय बिहार विधानसभा का चुनाव लड़ेंगे, लेकिन अब उस पर ग्रहण लगता दिख रहा है। क्योंकि जेडीयू उम्मीदवारों की सूची सामने आने के बाद यह, तो बिलकुल साफ हो गया है कि जेडीयू ने गुप्तेश्वर पांडेय को टिकट नहीं दिया है। इन्हें लेकर बिहार की सियासी गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही है।

राजनीतिक गलियारों में एक चर्चा यह भी है कि गुप्तेश्वर पांडेय वाल्मीकि नगर लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ सकते हैं। यह सीट जेडीयू नेता वैद्यनाथ प्रसाद महतो के निधन के बाद खाली हुई है। यहां 13 अक्तूबर से नामांकन शुरू होगा और सात नवंबर को वोटिंग है। पिछले एक दशक से वाल्मीकि नगर सीट पर एनडीए का कब्जा है। लेकिन पहली दावेदारी वैद्यनाथ प्रसाद महतो के बेटों का है। उनके तीन बेटों में रामाकांत प्रसाद और मनोज कुमार बिजनेसमैन हैं। वहीं, तीसरा लड़का सुनील कुमार राजनीति में सक्रिय हैं।

शुभचिंतकों से बोले पूर्व डीजीपी- धीरज रखें
वहीं, पूर्व डीजीपी ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि 'अपने अनेक शुभचिंतकों के फोन से परेशान हूं। मैं उनकी चिंता और परेशानी भी समझता हूं। मेरे सेवामुक्त होने के बाद सबको उम्मीद थी कि मैं चुनाव लड़ूंगा, लेकिन मैं इस बार विधानसभा का चुनाव नहीं लड़ रहा। हताश निराश होने की कोई बात नहीं है। धीरज रखें। मेरा जीवन संघर्ष में ही बीता है। मैं जीवन भर जनता की सेवा में रहूंगा। कृपया धीरज रखें और मुझे फोन नहीं करें। बिहार की जनता को मेरा जीवन समर्पित है। अपनी जन्मभूमि बक्सर की धरती और वहां के सभी जाति-मजहब के सभी बड़े-छोटे भाई-बहनों माताओं और नौजवानों को मेरा पैर छू कर प्रणाम! अपना प्यार और आशीर्वाद बनाए रखें !
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