बिहार की नीतीश सरकार ने आठ पूर्व भाजपा मंत्रियों को बंगले खाली करने का नोटिस थमा दिया है। जब यह मंत्री नीतीश सरकार में शामिल थे तो उन्हें सरकारी आवास आवंटित किए गए थे।
राज्य बिल्डिंग निर्माण विभाग के एस्टेट अधिकारी विनोद चौधरी ने कहा है कि पूर्व भाजपा मंत्री अब सरकार में शामिल नहीं हैं, इस लिए उन्हें मंत्री आवास खाली करने का नोटिस दिया गया है।
चौधरी ने कहा, ‘यह पूर्व मंत्री अगर अगले सात दिनों के भीतर बंगले खाली नहीं करने हैं तो दो और नोटिस दी जाएंगी, इनमें एक नोटिस आवास से बेदखली का होगा। इसके बाद इन पूर्व मंत्रियों के कब्जे वाले बंगलों को बलपूर्वक खाली कराया जाएगा। अगर इसमें पटना प्रशासन की मदद की जरूरत होगी तो ली जाएगी।’
उन्होंने कहा कि यह पूर्व मंत्री सरकार से हटने के बाद पहले ही निर्धारित से ज्यादा समय तक मंत्रियों के आवास में रह चुके हैं। मंत्री पद छोड़ने के बाद वह सिर्फ एक महीने तक ही मंत्री आवास में रह सकते हैं।
जिन पूर्व भाजपा मंत्रियों को बंगले खाली करने का नोटिस दिया गया है उनमें अश्वनी चौबे, चंद्रमोहन राय, गिरिराज सिंह, प्रेम कुमार, सत्य नारायण आर्य, सुखदा पंडे, रामाधार सिंह और जनार्दन सिंह सिगरीवाल के नाम हैं।
पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और नंद किशोर यादव को नोटिस नहीं दिया गया है। अधिकारी का कहना है कि विपक्ष का नेता होने के नाते ये दोनों पूर्व मंत्री आवास के हकदार हैं।