बिहार में नगर निकायों की सशक्त स्थायी समिति के गठन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नया प्रावधान लागू किया गया है। उप मुख्यमंत्री सह नगर विकास एवं आवास मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि बिहार नगरपालिका (संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत अब समिति के सदस्यों का निर्वाचन निर्वाचित वार्ड पार्षदों द्वारा गुप्त मतदान से बहुमत के आधार पर कराया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया जिला पदाधिकारी के पर्यवेक्षण, निर्देशन एवं नियंत्रण में संपन्न होगी।
पूर्व प्रावधान और संशोधन
निर्वाचन प्रक्रिया की तैयारी
मंत्री ने कहा कि जिला पदाधिकारी द्वारा सभी वार्ड पार्षदों को निर्वाचन की तिथि, समय और स्थान की सूचना कम से कम एक सप्ताह पूर्व दी जाएगी। समिति की प्रत्येक रिक्ति के लिए एक ही समय में अलग-अलग चुनाव होंगे और प्रत्येक रिक्ति के लिए अलग-अलग क्रमांकित मतपेटिका (क्रमांक 1, 2, 3 आदि) का उपयोग किया जाएगा।
नामांकन और मतदान का तरीका
मतगणना और शपथ
मतदान समाप्त होने के ठीक बाद पार्षदों की उपस्थिति में मतपेटियों को खोलकर मतगणना की जाएगी और सर्वाधिक मत पाने वाले उम्मीदवार को संबंधित रिक्ति के लिए निर्वाचित घोषित किया जाएगा। मंत्री ने बताया कि निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के तुरंत बाद निर्वाचित सदस्यों को गोपनीयता की शपथ दिलाई जाएगी।
पारदर्शिता और अभिलेख संरक्षण
पूरा निर्वाचन वीडियोग्राफी के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा और सभी अभिलेख नगर निकाय के अगले आम चुनाव तक या किसी न्यायिक प्रक्रिया के पूर्ण होने तक सुरक्षित रखे जाएंगे।
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निर्वाचन की तिथियां और प्रशासनिक प्रबंध