सारण के डीआइजी पर रंगदारी मांगने के आरोप के खुलासे के 24 घंटे के भीतर राज्य सरकार ने उन्हें पद से हटा दिया। सिवान के शराब व्यापारी से रंगदारी मांगने के मामले में सारण के आरक्षी उप महानिरीक्षक आलोक कुमार को हटा दिया गया है। उन्हें पुलिस मुख्यालय में योगदान करने का निर्देश दिया गया है।
आलोक कुमार के स्थान पर उप महासमादेष्टा होमगार्ड आर.मलार बिजी को सारण डीआइजी के पद पर तैनात किया गया है। सरकार आलोक कुमार के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करने जा रही है। देर रात तक औपचारिक आदेश की उम्मीद की जा रही है।
आलोक कुमार पर सिवान के शराब कारोबारी टुन्ना जी पाण्डेय को अपने कक्ष में बुलाकर दस करोड़ की मांग की थी, नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। टुन्ना राज्य के बाहर की कंपनी का सिवान, दरभंगा और गोपालगंज में कारोबार देखते हैं। 13 जनवरी को इनकी लिखित शिकायत के बाद पुलिस महानिदेशक ने आइजी अभियान को इसकी जांच का जिम्मा सौंपा था।
जांच रिपोर्ट 18 को आ गई और 19 जनवरी को आर्थिक अपराध इकाई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया। बिहार में प्रतिनियुक्ति पर काम कर रहे जम्मू कश्मीर कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी आलोक कुमार के बारे में आरक्षी महानिरीक्षक बजट अनुपमा निलेकर चंद्रा ने रविवार को विधिवत प्रेस कांफ्रेंस कर पत्रकारों से कहा कि अब तक जो साक्ष्य सामने आए हैं उसके अनुसार उनके द्वारा भयादोहन का मामला सही है।
आर्थिक अपराध इकाई पूरे मामले की पड़ताल कर रही है। डीआइजी आलोक कुमार के साथ सिवान के ही एक शराब व्यवसायी उमेश कुमार एवं एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। उमेश सिंह की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।