Bihar : नरकासुर राक्षस ने 16 हजार कन्याओं को अपने पास बंधक बना रखा था। भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर उन कन्याओं को मुक्त करवाया। वहां से मुक्त होने के बाद कन्याओं ने श्री कृष्ण से पूछा कि क्या उन्हें समाज स्वीकार करेगा, अब उनका भविष्य क्या होगा ?
दिवाली से एक दिन पूर्व बुधवार को छोटी दिवाली धूमधाम से मनायी गयी। देश के बहुत से क्षेत्रों में इसे नरक चतुर्दशी के नाम से मनाया जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान कृष्ण ने नरकासुर नामक राक्षस का वध किया था। छोटी दिवाली के दिन यम देवता की भी पूजा की जाती है।
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भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर बंधक बनी कन्याओं को करवाया था मुक्त
दरअसल, नरकासुर नाम के असुर और भगवान कृष्ण के बीच हुए युद्ध के कारण इस दिन को नरक चतुर्दशी की पूजा होती है। शास्त्रों के अनुसार नरकासुर नाम के राक्षस ने 16,000 कन्याओं को अपने पास बंधक बना रखा था। भगवान कृष्ण ने नरकासुर का वध कर उन सभी कन्याओं को मुक्त करवाया। लेकिन वहां से मुक्त होने के बाद सभी कन्याओं के मन में इस बात का डर था कि क्या उन्हें समाज स्वीकार करेगा, उनका भविष्य क्या होगा ? इस उलझन को लेकर सभी भगवान श्री कृष्ण के पास गई और अपने मन की बात कही।
इस वजह से भगवान कृष्ण ने 16 हज़ार कन्याओं से किया था विवाह
नरकासुर से मुक्त होने के बाद 16,000 कन्या भगवान् श्री कृष्ण के पास पहुंची और अपनी समस्या उनके सामने प्रकट की। उन सभी कन्याओं ने भगवान श्रीकृष्ण से कहा कि भगवान यहां से मुक्त होंने के बाद क्या समाज हमें स्वीकार करेगा? अब तुम ही हमें कुछ सुझाव दो कि हमलोग क्या करें और कहां जाएं। इस पर भगवान श्रीकृष्ण और उनकी पत्नी सत्यभामा ने यह सुझाव दिया कि उन सभी लड़कियों को श्री कृष्ण से विवाह कर लेनी चाहिए, इसके बाद उन्हें कृष्ण की पत्नी के रूप में पहचाना जाएगा। छोटी दिवाली के मौके पर लोग गंगा स्नान करते हैं या अभ्यंग स्नान करते हैं। शास्त्रों में ऐसा वर्णन है कि इस दिन गंगा स्नान से जातक के सभी पाप मिट जाते हैं और वह नरक में जाने से बच जाता है।