बिहार के औरंगाबाद जिले में बुधवार को हसपुरा थाना के अमझरशरीफ में पशु तस्करों ने पुलिस पर जानलेवा हमला कर दिया। हमलावरों ने पुलिस टीम हथियार भी छीन लिए। हमला इतना बड़ा था कि पुलिस की टीम को संभलने तक का मौका नहीं मिला। उस दौरान खुद को बचाने के लिए पुलिस मैदान छोड़कर भागने पर मजबूर हो गई। हमले में पुलिस की एक जीप और पुलिस की एक अन्य गाड़ी क्षतिग्रस्त हुई है। साथ ही कुल पांच पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
हसपुरा की प्रभारी थानाध्यक्ष नाजिया परवीन ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि पशु तस्करों का एक अंतरदेशीय गिरोह हसपुरा थाना क्षेत्र के अमझरशरीफ आया हुआ। यह भी पता चला कि पशु तस्करों ने इलाके में पशुओं की एक बड़ी डील की है। यहां से वे भारी संख्या में पशुओं को किसी दूसरे देश में ले जाने वाले है। इस सूचना के सत्यापन के लिए हसपुरा पुलिस की टीम एसआई चंदन कुमार और मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में मौके के लिए रवाना हुई।
पुलिस ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस टीम एक-एक स्थान पर ढेर सारे पशु इकठ्ठा देखकर पूछताछ करने लगी। इतने में ही पशु तस्करों का समूह उग्र हो गया और उनके द्वारा पुलिस पर हमला बोल दिया। पुलिस को इसकी जरा भी उम्मीद नहीं थी। पशु तस्करों ने पुलिस पर रोड़े-पत्थर, तलवार और चाकू से हमला कर दिया। इसमें कुल पांच पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले में पुलिस को पुलिस जीप को मौके पर ही छोड़कर भाग जाना पड़ा। हमले में हमलावरों ने पुलिस टीम की एक मैगजीन समेत दर्जन राउंड गोलियां भी लूट लीं। वहीं, हमले में पुलिस की दो गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि घायल पुलिसकर्मियों में दो एसआई, दो महिला पुलिस और एक होमगार्ड का जवान शामिल है। घायल पुलिसकर्मियों का रात में ही हसपुरा रेफरल अस्पताल में इलाज कराया गया। घायलों में एक होमगार्ड के जवान को प्रारंभिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया गया। इलाज के बाद बाकी लोगों की हालत खतरे से बाहर है। पुलिसकर्मियों को गंभीर और गहरी अंदरूनी चोटें आई हैं।
प्रभारी थानाध्यक्ष ने बताया कि रात में ही घटना के ढाई घंटे बाद मुख्यालय और आसपास के थानों से पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच कर गांव से पुलिस की क्षतिग्रस्त दोनों गाड़ियां बरामद की गईं। साथ ही कुछ पशुओं को जब्त कर थाने लाया गया। उन्होंने बताया कि हमलावरों को चिन्हित किया जा रहा है। कुछ को चिन्हित भी किया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। हमलावर पशु तस्करों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। इसमें सफलता मिलने की पूरी उम्मीद है।